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संसद के बजट सत्र में टीडीपी सांसद आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इस कड़ी में आज राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के घंटों बाद तक टीडीपी सांसद सदन में बैठे रहे और उन्होंने सदन खाली करने से इनकार कर दिया.
कई घंटों तक सदन में बैठे रहे सांसदों को मार्शलों की मदद से बाहर निकलवाया गया. इन्हें देर शाम को बाहर निकाला गया, जबकि सदन की कार्यवाही दोपहर बाद ही स्थगित हो गई थी. बाहर निकाले जाने से पहले इन सांसदों का मेडिकल चेकअप भी किया गया, क्योंकि ये कई घंटों से प्रदर्शन कर रहे थे.
टीडीपी बजट सत्र से पहले एनडीए का हिस्सा थी लेकिन आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा न देने से नाराज टीडीपी ने सरकार का साथ छोड़ दिया. यही नहीं, पार्टी के कोटे से 2 सांसदों ने केंद्रीय कैबिनेट से अपना इस्तीफा भी दिया था. टीडीपी लोकसभा में बीते 15 दिन से सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रही है लेकिन अबतक सफल नहीं हो पाई है.
बजट सत्र में सिर्फ एक दिन शेष बचा है ऐसे में टीडीपी सांसदों ने अपना विरोध जताने के लिए सदन में धरना देने का फैसला किया. राज्यसभा के स्टाफ और मार्शलों ने सांसदों से सदन छोड़ने की विनती की लेकिन सांसद राज्यसभा से बाहर जाने के लिए तैयार नहीं हुए और पोस्टर लेकर खाली सदन में नारेबाजी करने लगे.
टीडीपी सांसदों का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार उनकी मांगें नहीं मानती तब तक वह सदन से बाहर नहीं जाएंगे. सदन में टीडीपी सांसद वाई एस चौधरी, जी मोहन राव, सीएम रमेश, तोटा सीता रामलक्ष्मी और रवींद्र कुमार डेरा जमाए हुए हैं. पार्टी सांसदों ने शुक्रवार को राष्ट्रपति से मिलने का वक्त भी मांगा है, माना जा रहा है कि टीडीपी सांसद इस्तीफा भी दे सकते हैं.
आंध्र प्रदेश के लिए स्पेशल पैकेज और विशेष दर्जे की मांग को लेकर टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस लगातार संसद के भीतर और बाहर प्रदर्शन कर रही है. टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया था. वहीं दूसरी ओर वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख जगह मोहन रेड्डी ने अपनी पार्टी के सांसदों को 6 अप्रैल को सांसद पद से इस्तीफा देने के लिए कहा है.