
उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के किच्छा तहसील के शांतिपुरी गांव में उस वक्त अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया जब गांव के लोगों ने नदी से सटे जंगल में गांव के एक व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव देखा. बताया जा रहा है कि मृतक जंगल किनारे घास लेने गया था तभी इस बीच बाघ ने उस पर हमला बोल दिया और उसे अपना निवाला बना लिया. बाघ के हमले से उसकी मौत हो गई.
बताया जा रहा है कि मृतक बुधवार की शाम जानवरों के लिए गौला नदी के किनारे घास लेने गया था. काफी देर होने के बाद जब मृतक घर नहीं आया तो घर के लोगों और ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू कर दी. काफी ढूंढने-खोजने के बाद ग्रामीण का क्षत-विक्षत शव गौला नदी से सटे जंगल में मिला. जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस प्रशासन को दी.
मौके पर पहुंची टीमों ने शव को कब्जे में लेते हुए पंचनामा भर कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. गुलदार (बाघ) की चहल कदमी से ग्रामीण खौफजदा हैं. ग्रामीणों के मुताबिक जंगल से सटे होने के कारण आए दिन गांवों में वन्यजीवों की सुगबुगाहट होती रहती है. इससे पहले भी गांव में एक बाघिन को अपने शावकों के साथ देखा गया था. गौरतलब है कि इससे पहले जिले के सितारगंज के गांव में भी बाघ द्वारा एक व्यक्ति को अपना निवाला बनाया गया था.
इस घटना के बारे में तराई पूर्वी वन प्रभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला बाघ के हमले का प्रतीत हो रहा है. मृतक शांतिपुरी नंबर 4 का रहने वाला था. मृतक का नाम हीरा सिंह टाकुली था. शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. मौत किस कारण हुई है ये पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा. पूरे मामले की जांच की जा रही है.