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उत्तराखंड: जंगल में आग लगने से 7 कार सवार झुलसे

कुमाउं और गढ़वाल दोनों क्षेत्रों में 1890.92 हेक्टेयर से ज्यादा जंगल तबाह होने से चिंतित राज्य प्रशासन ने आग बुझाने के काम में लगे कर्मचारियों की संख्या दोगुनी कर दी है.

फरवरी से लग रही है जंगलों में आग फरवरी से लग रही है जंगलों में आग
प्रियंका झा
  • देहरादून,
  • 29 अप्रैल 2016,
  • अपडेटेड 7:21 PM IST

उत्तराखंड में गर्मी की वजह से जंगलों में आग लगने से 7 कार सवार झुलस गए. यह आग अब जंगलों से हाईवे तक पहुंच गई है. कई क्षेत्रों में कल देर शाम पौड़ी जिले में कार से उतर कर खडे़ हुए सात लोग इसकी चपेट में आकर झुलस गये.

कुमाउं और गढ़वाल दोनों क्षेत्रों में 1890.92 हेक्टेयर से ज्यादा जंगल तबाह होने से चिंतित राज्य प्रशासन ने आग बुझाने के काम में लगे कर्मचारियों की संख्या दोगुनी कर दी है. अभी तक 3000 लोग इस आग को बुझाने में लगे थे लेकिन अब 6 हजार कर्मचारी आग को बुझाने में लगे हुए हैं. आग से अभी तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है.

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फरवरी में हुई थी शुरुआत
प्रमुख वन संरक्षक (रिसर्च) बीपी गुप्ता के मुताबिक उत्तराखंड के जंगलों में फरवरी महीने में आग लगने की शुरुआत हुई थी. फरवरी से अभी तक राज्य में कुल 922 घटनाएं हो चुकी हैं. गुप्ता ने बताया कि चीड़ और साल के पेडों की बहुतायत वाले पौडी, टिहरी और नैनीताल इस वनाग्नि से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं. चीड़ और साल की सूखी-पत्तियां बहुत जल्दी आग पकडती हैं और इसलिये इन जंगलों में आग बहुत तेजी से फैलती है.

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