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सैलरी-प्रमोशन को लेकर स्ट्रेस बढ़ा रहा आने वाला अप्रेजल? डॉक्टर की सलाह और ये 5 तरीके बढ़ाएंगे कॉन्फिडेंस

Appraisal Stress: प्राइवेट कंपनीज में अप्रेजल का समय आ चुका है. ऐसे में कुछ एंप्लॉय अच्छे अप्रेजल होने का अंदाजा लगा रहे होंगे तो कुछ अच्छा नहीं होने का. डॉक्टर के मुताबिक, परफॉर्मेंस और रिव्यू से पहले सैलरी बढ़ने का स्ट्रेस सभी को होता है. ऐसे में स्ट्रेस कम करने के लिए कौन से तरीके काम आ सकते हैं, इस बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

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मृदुल राजपूत
  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 2:31 PM IST
  • प्राइवेट कंपनियों में सैलरी-प्रमोशन का समय आ चुका है
  • अप्रेजल का स्ट्रेस अधिकतल लोगों को होता है
  • डॉक्टर की सलाह आएगी काम

 Appraisal Performance Stress: प्राइवेट कंपनीज में अप्रेजल का समय आ चुका है. अधिकांश कंपनियों में परफॉर्मेंस और अप्रेजल शुरू भी हो चुका है, जिसके कारण एंप्लॉय की पिछले साल किए गए काम को देखकर उनकी सैलरी बढ़ाई जाती है, बोनस दिया जाता है और प्रमोशन भी दिया जाता है. परफॉर्मेंस अप्रेजल उन लोगों को दिया जाता है जो कंपनी द्वारा दिए गए गोल-टारगेट को पूरा करते हुए अच्छी परफॉर्मेंस करते हैं. अच्छा अप्रेजल पाने के लिए सभी एंप्लॉय अपने टारगेट और गोल को पूरा करने के लिए साल भर खूब मेहनत करते हैं लेकिन जैसे ही अप्रेजल का समय नजदीक आता है, वैसे ही उन्हें स्ट्रेस होने लगता है. अगर आप ऑफिस जॉब करते हैं तो इस बात से भली-भांति वाकिफ होंगे. इंडिया में 4 साल पहले एक मामला सामने आया था, जिसमें एक 29 साल का एंप्लॉय अप्रेजल का समय आने से इतना स्ट्रेस में आ गया था कि उसे पैनिक अटैक आ गया था और उसे अस्पताल में एडमिट करना पड़ा था.

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मार्च-अप्रैल के पास का समय किसी भी प्राइवेट कंपनी के एंप्लॉय के लिए मुश्किल भरा हो सकता है और उस दौरान उसके मन में काफी सारी बातें घूमती हैं. इनमें से कुछ पॉजिटिव और कुछ नेगेटिव बातें होती हैं. अप्रेजल अच्छा होगा या नहीं? अप्रेजल कितना होगा? सैलरी कितनी बढ़ेगी? प्रमोशन मिलेगा या नहीं? बोनस कितना मिलेगा? जैसी कई बातें हर एंप्लॉय के मन में घूमती हैं. 

स्ट्रेस होना आम बात है: डॉ. केदार तिलवे

फोर्टिस अस्पताल, मुलुंड, मुंबई के कंसल्टेंट-सायकाइट्रिस्ट डॉ. केदार तिलवे (Dr. Kedar Tilwe) ने Aajtak.in को बताया, कॉर्पोरेट सेक्टर्स में वित्तीय वर्ष की समाप्ति के आसपास कर्मचारियों में एंग्जाइटी और स्ट्रेस होना स्वाभाविक है. सिर्फ साल में 1 बार ही नहीं बल्कि अगर किसी भी समय एंप्लॉय की परफॉर्मेंस का मूल्यांकन किया जाता है तो स्ट्रेस होना आम बात है. एक कर्मचारी तब असुरक्षित महसूस करता है, जब वह नकारात्मक महसूस करता है या फिर नकारात्मक परिणाम की उम्मीद करने लगता है. कर्मचारियों द्वारा पिछले साल किया गया काम भी अप्रेजल के समय एंग्जाइटी और स्ट्रेस को बढ़ा देता है. अब ऐसे में अप्रेजल और परफॉर्मेंस के स्ट्रेस को कैसे दूर करें, यह भी जान लीजिए.

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1.दूसरों से तुलना न करें

अक्सर एंप्लॉय अपनी तुलना टीम के अन्य लोगों से करने लगते हैं, जो बहुत गलत होता है. उदाहरण के लिए हम केला की तुलना आम से सिर्फ इसलिए नहीं कर सकते क्योंकि ये दोनों पेड़ों पर उगते हैं. दोनों का स्वाद अलग-अलग है, दोनों की प्रजाति अलग-अलग है और दोनों के उगने की प्रोसेस भी अलग-अलग है. हर व्यक्ति का कार्यक्षेत्र अलग-अलग होता है, इसलिए कभी भी अपनी तुलना किसी अन्य से न करें. ऐसा करने से आप स्ट्रेस में रहेंगे.

2. समय-समय पर फीडबैक लें

कई एंप्लॉय ऐसे होते हैं जो अपने काम का फीडबैक नहीं लेते. अब मानकर चलिए अगर आपके काम में कुछ कमी है और अगर आपको बॉस से फीडबैक मिल जाता है तो आपको काम सुधारने का मौका मिल जाता है. लेकिन अगर आप कोई फीडबैक नहीं लेते हैं तो सीधे साल के अंत में जाकर आपकी परफॉर्मेंस खराब रहेगी. इसलिए लास्ट टाइम अप्रेजल के स्ट्रेस से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि समय-समय पर फीडबैक लेते रहें और सुधार करते रहें.

3. अपने काम का रिव्यू स्वयं करें

अगर कोई एंप्लॉय गोल और टारगेट के मुताबिक काम कर रहा है तो उसे पता होता है कि उसका काम कैसा चल रहा है. लेकिन अगर आप अपने गोल और टारगेट से दूर हैं और उस पर काम नहीं कर रहे हैं तो जाहिर सी बात है, आपका काम अच्छा नहीं चल रहा है. इसलिए मैनेजमेंट के रिव्यू से पहले आप स्वयं भी अपने काम का रिव्यू करें. इससे अप्रेजल के समय होने वाले स्ट्रेस से बचा जा सकता है. 

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4. बॉस या कलीग से बात करें 

इस बात को हम समझ सकते हैं कि अप्रेजल के समय मन में कई बातें आती हैं. अपने काम को लेकर हम अपने मन ही मन कई सारी नेगेटिव बातें सोच लेते हैं, जिससे बिना मतलब का स्ट्रेस होता है. इसका सबसे अच्छा तरीका है बात करें. अगर आप अपने मन की दुविधा अपने बॉस या कलीग के साथ शेयर करेंगे तो वे आपके स्ट्रेस को कम करने में मदद करेंगे. 

इसका मतलब ये नहीं है कि अगर आप अपने स्ट्रेस के बारे में बॉस को बताएंगे तो वे आपको अधिक अप्रेजल या परफॉर्मेंस दे देंगे. हमारा मतलब है कि अच्छा लीडर का काम ये होता है कि वह एंप्लॉय की चिंता को दूर करें. अगर आप अपने बॉस या कलीग से अपने स्ट्रेस के बारे में बात करेंगे तो उनकी बातें और सलाह आपको मोटिवेट कर सकती हैं, जिससे आपका स्ट्रेस कम हो सकता है.

5. फीडबैक से लें सीख

अप्रेजल से पहले डिस्कसन होता है अगर उसमें आपको फीडबैक अच्छा नहीं मिलता है तो स्ट्रेस लेने की जरूरत नहीं है. बल्कि मैनेजमेंट के फीडबैक से सीख लें और अगले साल के लिए जमकर तैयारी करें, ताकि अगले साल अच्छा अप्रेजल और परफॉर्मेंस मिल सके.

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6. योग और एक्सरसाइज करें

स्ट्रेस कम करने के लिए मेडिटेशन और योग सबसे अच्छा तरीका होता है. इसके लिए रोजाना 30 मिनिट कोई न कोई फिजिकल एक्टिविटी, योग, मेडिटेशन जरूर करें. इससे स्ट्रेस को कम करने में मदद तो मिलेगी और शरीर के साथ दिमाग भी अच्छा रहेगा.

अप्रेजल की चिंता न करें, हमेशा अपनी परफॉर्मेंस को अच्छा बनाए रखें, परिणाम सकारात्मक ही मिलेंगे. 'Best Of Luck'

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