ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) ने 20 जुलाई 2021 को न्यू शेफर्ड (New Shepard) कैप्सूल से चार निजी यात्रियों को अंतरिक्ष की यात्रा कराई. इन यात्रियों में शामिल थे- जेफ बेजोस (Jeff Bezos), मार्क बेजोस, वैली फंक और ओलिवर डैमेन. इन चारों लोगों ने 100 किलोमीटर ऊपर कारमान लाइन (Karman Line) को पार किया. अंतरिक्ष की सीमा की शुरुआत कारमान लाइन से ही होती है. इसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंतरिक्ष की सीमा कहा जाता है. लैंडिंग के बाद जेफ बेजोस खुशी से उछल पड़े और कहा कि ये मेरी जिंदगी का सबसे बेहतरीन दिन है. (फोटोः एपी)
चारों अंतरिक्ष यात्रियों की यात्रा की शुरुआत वेस्ट टेक्सास के ब्लू ओरिजिन लॉन्च साइट-1 से शाम करीब 6.45 बजे हुई. शाम को करीब 6.15 बजे चारों अंतरिक्षयात्री न्यू शेफर्ड कैप्सूल में बैठ चुके थे. कैप्सूल के हैच को बंद कर दिया गया था. हैच बंद करने से पहले अंतरिक्ष यात्रियों टेक्नीशियन और इंजीनियर्स बैठने और यात्रा संबंधी सभी नियमों की जानकारी दोबारा बताई. (फोटोः एपी)
ब्लू शेफर्ड कैप्सूल का रॉकेट उसे 3,595 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम गति से अंतरिक्ष की ओर गया. करीब 4 मिनट अंतरिक्ष में जीरो ग्रैविटी का आनंद लेने के बाद यह धरती की तरफ लौटा. जीरो ग्रैविटी के समय कैप्सूल की ऊंचाई करीब 107 किलोमीटर थी. यहां पर चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने भारहीनता का मजा लिया. कैप्सूल के अंदर वो ऐसे उड़ रहे थे जैसे उनके शरीर का वजन खत्म हो गया है. (फोटोः एपी)
जीरो ग्रैविटी फील कराने के बाद न्यू शेफर्ड कैप्सूल ने धरती की ओर लौटना शुरू किया. इस बीच रॉकेट बूस्टर ने लैंडिंग साइट पर सुरक्षित लैंडिंग की. हैरानी की बात ये थी रॉकेट ने कैप्सूल को कारमान लाइन से करीब 1 किलोमीटर पहले छोड़ा था. उसके बाद की यात्रा कैप्सूल ने रॉकेट की ऊर्जा के उपयोग से पूरी की थी. उसके बाद उसने अंतरिक्ष में करीब चार मिनट का समय बिताया था. (फोटोः ब्लू ओरिजिन)
पैराशूट खुलने से पहले कैप्सूल की गति 26 किलोमीटर प्रति घंटा थी, पैराशूट खुलने के बाद इसकी गति कम होकर 1.6 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई थी. इस गति में लैंडिंग इसलिए कराई गई ताकि कैप्सूल जमीन से तेजी से न टकराए. (फोटोः एपी)
इस ऐतिहासिक यात्रा में चार बड़े रिकॉर्ड बने. जो अंतरिक्ष यात्रा का नया इतिहास है. पहला- 82 वर्षीय वैली फंक अंतरिक्ष की यात्रा करने वाली सबसे बुजुर्ग व्यक्ति बन गईं. दूसरा- 18 वर्षीय ओलिवर डैमेन पहले कॉमर्शियल यात्री और सबसे कम उम्र के अंतरिक्ष यात्री बने. तीसरा- पूरी लॉन्चिंग और लैंडिंग ऑटोमैटिक थी. चौथा- पहली बार दो भाई जेफ बेजोस और मार्क बेजोस ने एक साथ अंतरिक्ष की यात्रा की. वैली फंक ने कैप्सूल से बाहर आते ही अपने हाथों को फैलाकर खुशी जाहिर की. बाद में उन्होंने यह कहा भी कि उनका 60 साल पुराना सपना पूरा हो गया. (फोटोः ब्लू ओरिजिन)
ब्लू ओरिजिन के सीईओ बॉब स्मिथ ने कहा कि इंसानों के अंतरिक्ष उड़ान के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है. इस साल दो और उड़ानें अंतरिक्ष यात्रा पर भेजी जाएंगी. इसके बाद अगले साल कई और उड़ानें की जाएंगी. जिसके टिकट की जानकारी ब्लू ओरिजिन की साइट और ट्विटर हैंडल पर दी जाएगी. टिकट संबंधी जानकारी ब्लू ओरिजिन की साइट BlueOrigin.com से ली जा सकती है. (फोटोः ब्लू ओरिजिन)
82 वर्षीय वैली फंक (Wally Funk) अंतरिक्ष में जाने वाली सबसे बुजुर्ग व्यक्ति बन चुकी हैं. वैली को 60 साल पहले महिला होने के नाते अंतरिक्ष यात्रा पर जाने नहीं दिया गया था. जबकि, वो नासा के मर्करी-13 (Mercury-13) मिशन की पायलट थीं. लेकिन जब अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस (Jeff Bezos) वैली फंक (Wally Funk) के पास उन्हें एक सीट का ऑफर देने पहुंचे तो उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष उड़ान की उनकी 60 साल की ख्वाहिश अब पूरी होने वाली है. जो अब पूरी हो चुकी है. (फोटोः एपी)
न्यू शेफर्ड की लॉन्चिंग पूरी तरह से ऑटोमैटिक थी. इसे लॉन्च करने से लेकर लैंडिंग तक किसी भी अंतरिक्षयात्री को किसी भी तरह के कंसोल पर कोई काम नहीं करना पड़ा. ऐसा पहली बार हुआ था कि अंतरिक्ष से संबंधित कोई लॉन्च पूरी तरह से ऑटोमैटिक थी. (फोटोः एपी)
इस लॉन्च को जानबूझकर 20 जुलाई को रखा गया है क्योंकि इसी दिन अपोलो-11 (Apollo-11) ने चांद पर लैंडिंग की थी. अपोलो-11 के लैंडिंग की यह 52वीं वर्षगांठ थी. न्यू शेफर्ड रॉकेट और कैप्सूल का नाम 1961 के एस्ट्रोनॉट एलन शेफर्ड के नाम पर रखा गया है. एलन शेफर्ड अंतरिक्ष में पहुंचने वाले पहले अमेरिकी नागरिक थे. (फोटोः एपी)
न्यू शेफर्ड कैप्सूल का कंट्रोल जमीन पर बनाए गए मास्टर कंट्रोल सेंटर से किया गया. लेकिन लॉन्च के बाद इसमें किसी भी तरह का कमांड देने की जरूरत नहीं थी. कैप्सूल 6 एस्ट्रोनॉट्स के लिए बनाया गया है लेकिन फिलहाल इसमें 4 ही लोग गए थे. (फोटोः एपी)
सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या जेफ बेजोस इस यात्रा में सही सलामत रहेंगे? क्योंकि ऐसा पहली बार हो रहा है कि रॉकेट और कैप्सूल पूरी तरह से ऑटोमैटिक है. इसमें बैठे इंसान या मास्टर कंट्रोल सेंटर को लॉन्च कमांड देने के बाद कुछ नहीं करना है. क्या ये पूरी से तरह से ऑटोमैटिक लॉन्चिंग सफल होगी? दुनिया भर के स्पेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि जेफ बेजोस (Jeff Bezos) अपनी कंपनी ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) के रॉकेट और कैप्सूल न्यू शेफर्ड (New Shepard) में सुरक्षित रहेंगे. लेकिन इस लॉन्चिंग की सफलता ने सारे सवालों के जवाब दे दिए. (फोटोः ब्लू ओरिजिन)
द न्यू शेफर्ड (The New Shepard) कैप्सूल रॉकेट इंजन से काफी दूर सेट किया गया था. इसमें आपदा या हादसे की आशंका में अलग होने की पूरी तकनीक है. इसलिए इस कैप्सूल में बैठे हुए लोगों के सुरक्षा की गारंटी ली जा सकती है. एबॉर्ट प्रोसीजर को ध्यान से देखें तो कैप्सूल में बैठे लोगों को सुरक्षित बचने की संभावना 80 फीसदी से ज्यादा थी. एक्सपर्ट्स का मानना था कि इस यात्रा में जेफ बेजोस और उनके साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका नहीं है. यह आशंका 1000 में 1 के बराबर है. (फोटोः एपी)
इस पूरी यात्रा में सबसे ज्यादा भावुक मौका था 82 वर्षीय वैली फंक के लिए था. वैली ने कहा कि उनके पास 19,600 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव था. उन्होंने नासा प्रबंधन से 1960 के दशक में कहा था कि मुझे एस्ट्रोनॉट बनना है, अंतरिक्ष में पुरुषों की तरह उड़ान भरनी है. लेकिन वो लोग नहीं माने. उन्होंने कहा कि इससे पहले कभी कोई महिला नहीं गई. लेकिन मेरी लड़ाई जारी रही. जब जेफ बेजोस ने मेरे पास आकर यह बताया कि वो मुझे अंतरिक्ष की यात्रा कराना चाहते हैं, तब मुझे लगा कि ये मेरा 60 साल पुराना सपना पूरा होने जा रहा है. मैंने खुशी से जेफ को गले लगा लिया था. लैंडिंग के बाद जब वैली कैप्सूल से बाहर निकलीं, तब भी उन्होंने जेफ को गले लगाया था. (फोटोः एपी)
दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि थी इस यात्रा को करने वाले सबसे युवा अंतरिक्ष यात्री ओलिवर डैमेन (फोटो में सबसे बाएं) की. 15 जुलाई 2021 को जेफ बेजोस ने घोषणा की थी कि 28 मिलियन डॉलर्स यानी 208 करोड़ रुपए के नीलामी के विजेता को वो अपने साथ नहीं ले जा रहे हैं. उन्होंने रनर अप ओलिवर डैमेन (Oliver Daemen) को अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना. कंपनी ने कहा कि ओलिवर ने ब्लू ओरिजिन को उड़ान के लिए पैसे दिए हैं. वो पहले कस्टमर हैं लेकिन कंपनी ने ये नहीं बताया कि ओलिवर ने कितने पैसे में टिकट खरीदा है. (फोटोः एपी)
ओलिवर ने पिछले साल अपना निजी पायलट लाइसेंस हासिल किया है. वह हाईस्कूल पास है. इसके बाद उसने पायलट ट्रेनिंग के लिए एक साल पढ़ाई छोड़ दी थी.वह नीदरलैंड्स स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ यूट्रेच से ग्रैजुएट करना चाहता हैं. ओलिवर के पिता जोस डैमैन सोमरसेट कैपिटन पार्टनर्स के संस्थापक है. यह कंपनी नीदरलैंड्स में इक्विटी फर्म चलाती है. (फोटोः एपी)