Advertisement

चांद पर जहां अब तक कोई नहीं गया, वहां से सैंपल लाएगा China, मई में लॉन्च करेगा Chang'e-6 मून मिशन

China अब चांद के अंधेरे वाले हिस्से में अपना स्पेसक्राफ्ट उतारने जा रहा है. वहां से सैंपल इकट्ठा करके धरती पर वापस आएगा उसका यान. इस मिशन का नाम है Chang's-6. ऐसा पहली बार होगा जब कोई देश चांद के Far Side में सैंपल रिटर्न मिशन भेज रहा है. इससे पहले चीन ने वहां अपना लैंडर उतारा था.

ये है चांगई लूनर मिशन की फाइल फोटो.चीन ने अपने नए मिशन की तस्वीर जारी नहीं की है.  ये है चांगई लूनर मिशन की फाइल फोटो.चीन ने अपने नए मिशन की तस्वीर जारी नहीं की है.
आजतक साइंस डेस्क
  • बीजिंग,
  • 16 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST

चंद्रमा के अंधेरे वाले हिस्से में चीन अपना स्पेसक्राफ्ट भेजने वाला है. इसका नाम Chang'e-6 है. यह यान चंद्रमा के फार साइड (Moon's Far Side) में जाकर वहां के सैंपल जमा करेगा. इसके बाद धरती पर वापस भेजेगा. चीन इस मिशन को मई महीने में लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है. 

चीन के चांगई-6 मिशन में काम कर रहे इंजीनियर इस समय अपने परिवारों से भी मिलने नहीं जा रहे हैं. जबकि चीन में लूनर न्यू ईयर चल रहा है. उन्हें मई से पहले स्पेसक्राफ्ट को लॉन्च के लिए रेडी करना है. चांगई-6 स्पेस्क्राफ्ट हैनान आइलैंड में मौजूद वेनचांग स्पेसपोर्ट पर जनवरी में आ गया था.  

Advertisement

यह भी पढ़ें: धीरे-धीरे सिकुड़ रहा चंद्रमा, ठंडा पड़ता जा रहा, यह बन सकती है बड़ी समस्या... जानिए क्यों?

2020 के चांगई-5 मिशन की सफलता के बाद वही टीम इस प्रोजेक्ट में लगी है. लगातार इस मिशन से जुड़े टेस्टिंग में लगे थे. जरूरी बदलाव कर रहे थे. चीन इस मिशन में सफल हुआ तो वह चांद के फार साइड से सैंपल लाने वाला दुनिया का पहले देश होगा. चांगई-6 मिशन के मैनेजिंग इंजीनियर झांग यांग ने कहा कि चीन में लूनर न्यू ईयर बड़ा त्योहार है. 

छुट्टियां और त्योहार भूलकर काम कर रहे चीनी वैज्ञानिक

झांग ने कहा कि लेकिन ये समय त्योहार से ज्यादा जरूरी है. हमें अपने मिशन को सही तरीके से पूरा करना है. इसलिए हम हर स्टेज पर बारीक नजर रख रहे हैं. ताकि क्वालिटी वाला स्पेसक्राफ्ट तैयार हो. अभी घर जाकर परिवार से मिलना मुश्किल है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: 2075 तक चंद्रमा पर पैदा होने लगेंगे बच्चे, प्रजाति भी अलग होगी... ऐसी होंगी मानव बस्तियां

53 दिनों का मिशन, 2 किलोग्राम सैंपल करेगा जमा

चांगई-6 प्रोजेक्ट 53 दिनों का मिशन है. यह स्पेस्क्राफ्ट चांद के फार साइड में मौजूद अपोलो बेसिन (Apollo Basin) में उतरेगा. वहां से करीब 2 किलोग्राम सैंपल जमा करेगा. उसके बाद वहां से उड़कर वापस धरती पर लौट आएगा. सैंपल सतह पर छेद करके और उसके ऊपर मौजूद मिट्टी से जमा किया जाएगा. 

मिशन को सपोर्ट देने के लिए पहले लॉन्च होगी सैटेलाइट

चीन में चंद्रमा की देवी को चांगई कहते हैं. इसलिए चीन के सभी मून मिशन का नाम इसी पर है. इस मिशन से पहले फरवरी या मार्च में चीन एक नया सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहा है. जो इस मिशन में सपोर्ट देगा. इस सैटेलाइट का नाम है क्यूगियाओ-2 (Quegiao-2). ताकि यह चंद्रमा पर मौजूद स्पेसक्राफ्ट और धरती के स्टेशन के बीच संपर्क बनाने में मदद करे. क्योंकि चांगई-6 यान जिस जगह उतरेगा, वह धरती से कभी दिखता ही नहीं. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement