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एंड्रोमेडा के पास मिली प्राचीन 'जीवाश्म गैलेक्सी', नई खोज से वैज्ञानिक हैरान 

एंड्रोमेडा गैलेक्सी (Andromeda Galaxy) के आकाश में एक जीवाश्म गैलेक्सी का पता चला है. इसकी खोज एक शौकिया स्काईवाचर ने की है, इसलिए वैज्ञानिक हैरान हैं कि अब तक किसी की निगाह इसपर पड़ी क्यों नहीं.

ग्यूसेप डोनाटिलो ने खोजी ड्वार्फ़ गैलैक्सी (Photo: NASA) ग्यूसेप डोनाटिलो ने खोजी ड्वार्फ़ गैलैक्सी (Photo: NASA)
aajtak.in
  • वॉशिंगटन,
  • 04 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 11:12 AM IST
  • धुंधली पड़ चुकी है ये ड्वार्फ़ गैलैक्सी
  • इसे Pegasus V नाम दिया गया है

ये बड़े आश्चर्य की बात है कि अंतरिक्ष में जिस जगह के बारे में खगोलविद पहले से ही अच्छी तरह अध्ययन कर चुके हों, वहां से एक शौकिया खगोलशास्त्री को एक जीवाश्म गैलेक्सी मिल जाए. हाल ही में, एंड्रोमेडा गैलेक्सी (Andromeda Galaxy) के आकाश में एक स्काईवाचर ने एक जीवाश्म गैलेक्सी की खोज की है. 

स्काईवाचर ग्यूसेप डोनाटिलो (Giuseppe Donatiello) ने धुंधली पड़ चुकी एक ड्वार्फ़ गैलैक्सी (Dwarf galaxy) देखी. इसे अब पेगासस वी (Pegasus V) नाम दिया गया है. जब खगोलविदों को इस खोज के बारे में पता चला, तो उन्होंने एक बड़े हवाइन टेलिस्कोप से इस इलाके का अध्ययन किया, जिसे जेमिनी नॉर्थ (Gemini North) कहा जाता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि पेगासस वी बहुत पुराने सितारों से भरी पहली गैलैक्सी का 'जीवाश्म' हो सकता है.

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इस गैलेक्सी को पेगासस वी नाम दिया गया है (Photo: International Gemini Observatory)

इस धुंधली हो चुकी गैलेक्सी को एंड्रोमेडा गैलेक्सी के चारों ओर देखा गया है. इस गैलेक्सी के बारे में पहली बार, चिली में सेरो टोलोलो इंटर-अमेरिकन ऑब्जर्वेटरी में विक्टर एम. ब्लैंको 4-मीटर टेलीस्कोप से मिले आंकड़ों से पता चला था. जब ग्यूसेप डोनाटिलो, स्पेन के डेविड मार्टिनेज द्वारा आयोजित एंड्रोमेडा ड्वार्फ गैलेक्सी की खोज में हिस्सा ले रहे थे, जब उन्होंने पेगासस वी को देखा.

नई खोज में भारी तत्व बहुत कम मात्रा में हैं, इसलिए वैज्ञानिकों का तर्क है कि यह पुरानी गैलेक्सी है. इस गैलेक्सी का पता लगना बहुत अहम माना जा रहा है, क्योंकि खगोलविदों को उम्मीद है कि ऐसी और भी कई गैलेक्सी हो सकती हैं, जिन्हें असल में बहुत कम देखा गया है. 

 

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ब्रिटेन में सरे यूनिवर्सिटी (University of Surrey) की खगोलशास्त्री मिशेल कोलिन्स का कहना है कि यह छोटी जीवाश्म गैलेक्सी हमें यह समझने में मदद कर सकती है कि आकाशगंगाएं कैसे बनती हैं, और क्या डार्क मैटर के बारे में हमारी समझ सही है.

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