किसी ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि दूसरे दिन शुक्रवार शाम को ऑस्ट्रेलिया पर 62 रनों की बढ़त हासिल करके मजबूत स्थिति में पहुंची टीम इंडिया शनिवार को सुबह 90 मिनट में 36 रनों पर घुटने टेक देगी और चार घंटे में ये मैच में हार जाएगी.
एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डे नाइट टेस्ट मैच के दूसरे दिन स्टंप्स तक भारत का स्कोर 9 रन 1 विकेट के नुकसान पर था. भारत ने आस्ट्रेलिया पर 62 रनों की बढ़त ले ली थी, लेकिन तीसरे दिन भारतीय टीम ने 27 रन बनाने में 8 विकेट गंवा दिए. ऑस्ट्रेलिया के लिए जोश हेजलवुड ने 5 और पैट कमिंस ने 4 विकेट लिए.
4 घंटे के अंदर एडिलेड में टीम इंडिया मैच हार गई. इस लचर बल्लेबाजी प्रदर्शन के बाद ये कहना गलत नहीं होगा कि टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को क्रिसमस गिफ्ट दे दिया. अगर भारतीय बल्लेबाजों ने संभलकर बल्लेबाजी की होती तो 200 रन का टारगेट भी ऑस्ट्रेलिया के लिए आसान नहीं होता. लेकिन, विराट की टीम ने जीता हुआ मैच गंवा दिया.
ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 191 रनों पर सिमट गई थी. इसी के साथ ही भारत को पहली पारी के आधार पर 53 रनों की बढ़त मिली. भारत के बल्लेबाज दूसरी पारी में 150 रन भी बनाते तो ऑस्ट्रेलिया के लिए 200 रनों से ज्यादा का लक्ष्य मुश्किल होता. लेकिन, भारत ने सबसे शर्मनाक प्रदर्शन किया.
टीम इंडिया दूसरी पारी में 9 विकेट गंवाकर 36 रन ही बना सकी. आखिर में मोहम्मद शमी चोटिल होकर रिटायर हुए. भारतीय टीम का 36 रन टेस्ट की एक पारी में अब तक का सबसे कम स्कोर है. इससे पहले भारतीय टीम ने 46 साल पहले सबसे कम स्कोर 42 रन बनाया था. यह इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में 1974 में बनाया था.
टीम इंडिया का कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकाड़ा पार नहीं कर पाया. अग्रवाल ने सबसे ज्यादा 9 रन बनाए, जबकि विहारी 8 रन बनाने में कामयाब रहे. पुजारा, रहाणे और अश्विन खाता भी नहीं खोल पाए. ऑस्ट्रेलिया की ओर से हेजलवुड ने सिर्फ 8 रन खर्च कर 5 विकेट लिए, जबकि कमिंस 21 रन देकर चार विकेट लेने में कामयाब रहे.
भारत की परेशानी यहीं पर समाप्त नहीं हुई है. तेज गेंदबाज शमी को कलाई पर चोट लग गई है और वह सीरीज से बाहर हो सकते हैं. पैट कमिंस की उठती हुई गेंद उनकी कलाई पर लगी जिसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा. इस तरह से भारतीय पारी 21.2 ओवर में समाप्त हो गई.
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों की अतिरिक्त उछाल वाली गेंदों के सामने भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरी खुलकर सामने आ गई. गेंदबाजों ने गेंद की सीम का अच्छा इस्तेमाल किया. तेज और उछाल भरी गेंदों के सामने भारतीय पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई.
भारत का कोई भी बल्लेबाज दोहरे अंक में नहीं पहुंच पाया. नाइटवॉचमैन जसप्रीत बुमराह (दो) के पहले ओवर में आउट होने के बाद हेजलवुड और कमिंस ने भारत की मजबूत कहे जाने वाली बल्लेबाजी का दंभ निकालने में कसर नहीं छोड़ी. मयंक अग्रवाल (9), चेतेश्वर पुजारा (0) और अजिंक्य रहाणे (0) तीनों ने एक ही तरह से अपने विकेट गंवाए.
इन तीनों के लिए गेंद कोण लेकर आई जिसमें थोड़ी उछाल थी और जो बल्ले को चूमकर विकेटकीपर टिम पेन के दस्तानों में समाई. कप्तान विराट कोहली (4) ने ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद को ड्राइव करने की कोशिश में गली में कैच दिया. इंग्लैंड में 2014 में वह इस तरह से आउट हुए थे.
ऋद्धिमान साहा (4) और अश्विन (0) के आउट होने से स्कोर आठ विकेट पर 26 रन हो गया. विहारी भी विकेट के पीछे कैच देने से दोहरे अंक में नहीं पहुंच पाए. इस तरह से भारतीय टीम का स्कोर कॉर्ड 4, 9, 2, 0, 4, 0, 8, 4, 0, 4 और 1 रहा जो टीम को वर्षों तक सताता रहेगा.