भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा है कि पूर्व कप्तान और महान स्पिनर अनिल कुंबले भारत के सबसे बड़े मैच विनर रहे हैं. हरभजन सिंह ने अपने करियर की ज्यादा क्रिकेट कुंबले के साथ ही खेली है. इन दोनों की जोड़ी ने भारत को काफी मैच जिताए हैं.
हरभजन ने स्पोर्टस्टार से कहा, 'मेरे विचार में अनिल भाई भारत के लिए खेलने वाले सबसे महान खिलाड़ी हैं. वह भारत के लिए अभी तक सबसे बड़े मैच विनर हैं. लोग कहते थे कि वह गेंद को ज्यादा स्पिन नहीं कराते, लेकिन उन्होंने बताया है कि अगर आपके पास जिगर है तो आप बिना स्पिन कराए भी बल्लेबाज को आउट कर सकते हो.'
हरभजन ने कहा, 'अगर किसी में प्रतिस्पर्धा वाली भावना थी तो वो अनिल भाई में थी. वह चैम्पियन बने. मैं भाग्यशाली हूं कि इतने सालों तक उनके साथ खेला. वह बेहद समर्पित खिलाड़ी थे.'
कुंबले टेस्ट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाल गेंदबाज हैं. टेस्ट में उनके नाम 619 विकेट हैं. खेल के सबसे लंबे प्रारूप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में कुंबले, मुथैया मुरलीधरन और शेन वॉर्न के बाद तीसरे स्थान पर हैं. वनडे में भी वह भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. उन्होंने 271 वनडे में 337 विकेट लिए हैं.
इस लेग स्पिनर ने टेस्ट मैच की एक पारी में 10 विकेट लेने का कारनामा भी किया था. यह रिकॉर्ड उन्होंने 1999 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में बनाया. पूरी पाकिस्तानी टीम को मात्र 74 रन खर्चकर अपना शिकार बना लिया. संयोग देखिए कि कुंबले ने 2008 में अपने टेस्ट करियर का आखिरी मैच भी इसी मैदान पर खेला.
कुंबले बल्ले से भी अहम योगदान देते थे. टेस्ट में 1 शतक के साथ 5 अर्धशतक इसके सबूत हैं. उन्होंने टेस्ट मैचों में 35 से ज्यादा मौके पर एक ही पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट झटके और एक मैच में 10 से ज्यादा विकेट लेने का कारनामा 8 बार किया.
2008 में भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज में अंपायरिंग विवाद के बीच कुंबले की नेतृत्व क्षमता का एक अनोखा पहलू सामने आया.
विवादित सिडनी टेस्ट मैच के बाद में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम पर सवाल उठाते हुए सार्वजनिक तौर पर यह कह दिया था कि मैदान पर सिर्फ 11 लोग खेल भावना से खेले. बाकी 13 किसी और खेल पर ध्यान लगा रहे थे.