2007 टी-20 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे एस श्रीसंत ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान के खिलाफ इस रोमांचक फाइनल में मिस्बाह उल हक के कैच से ज्यादा वह शाहिद आफरीदी के कैच के दौरान दबाव में थे.
बता दें कि पाकिस्तान को इस रोमांचक फाइनल में जीत के लिए आखिरी ओवर में 13 रन चाहिए थे. आखिरी ओवर में भारतीय गेंदबाज जोगिंदर शर्मा ने पहली गेंद वाइड फेंकी. अगली गेंद, जो वाइड के बदले फेंकी गई, मिस्बाह चूक गए. रन नहीं बना. जोगिंदर शर्मा इसके बाद फुलटॉस गेंद फेंक गए, जिस पर मिस्बाह ने छक्का जड़कर पाकिस्तानी उम्मीदों को फिर जगा दिया.
जोगिंदर शर्मा की अगली गेंद पर मिस्बाह ने स्कूप शॉट खेलते हुए गेंद को शॉर्ट फाइन-लेग ओर उछाल दिया, जिसे श्रीसंत ने लपक लिया और टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप लपक लिया. भारत ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप 5 रनों से जीत लिया था.
13 साल बाद एस श्रीसंत ने खुलासा किया है कि मिस्बाह के कैच से ज्यादा वह शाहिद अफरीदी के कैच के दौरान दबाव में थे. श्रीसंत ने क्रिकट्रेकर के साथ बातचीत में कहा, 'इरफान पठान को पता था कि शाहिद आफरीदी गेंद को हवा में मारेंगे और पहले ही उन्होंने मुझसे कैच लेने के लिए तैयार कर दिया था.'
श्रीसंत ने कहा, 'मेरे लिए शाहिद आफरीदी का कैच ज्यादा मुश्किल था. इरफान पठान ने मुझसे कहा था कि आफरीदी जरूर छक्का जड़ेंगे, गेंद लॉन्ग ऑफ के लिए आएगी और पहली ही गेंद में वह आउट हो जाएंगे. तू पकड़ लेना. उन्होंने पहले ही देख लिया था कि क्या होने वाला है. फिर गेंद हवा में ऊपर चली गई, और मैंने उसे पकड़ लिया.'
बता दें कि 13 साल पहले 24 सितंबर का दिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अद्भुत साबित हुआ था. जोहानिसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को धूल चटाकर टीम इंडिया टी-20 वर्ल्ड कप के पहले संस्करण की चैम्पियन बनी थी. इसके साथ ही महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम 1983 के बाद किसी विश्व खिताब पर कब्जा जमाने में कामयाब हुई थी.