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1 हजार साल पुराना है कैटेलोनिया का इतिहास, जानें-किस वजह से बना नया देश

कैटेलोनिया लंबी लड़ाई के बाद स्पेन से अलग होकर आजाद मुल्क बन गया है. जानें इससे जुड़ी हर बात...

कैटेलोनिया संसद कैटेलोनिया संसद
अनुज कुमार शुक्ला
  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 9:33 AM IST

कैटेलोनिया लंबी लड़ाई के बाद स्पेन से अलग होकर आजाद मुल्क बन गया है. कैटेलोनिया की संसद में मतदान के बाद स्वतंत्रता की घोषणा की गई है. वहीं, 27 अक्टूबर, 2017 को ही स्पेन की संसद कैटेलोनिया पर सीधे नियंत्रण बनाए रखने के लिए मतदान कराने की योजना में थी, लेकिन उससे पहले ही कैटेलोनिया की संसद ने मतदान कर इसकी घोषणा कर दी. हालांकि बाद में स्पेन की संसद में मसले को लेकर बैठक हुई और स्पेन को कैटेलोनिया पर सीधे नियंत्रण करने की शक्ति दी गई.

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21 दिसंबर को लगेगी मुहर

वहीं कैटेलोनिया को पूरी आजादी मिलने के बाद भी स्पेन ने वहां की संसद को भंग कर दिया है और स्पैनिश प्रधानमंत्री मारियानो रहोई ने 21 दिसंबर, 2017 को क्षेत्रीय चुनाव कराने की घोषणा की है. इसका मतलब ये है कि कैटेलोनिया के भविष्य पर पूरी तरह से मुहर 21 दिसंबर को ही लगेगी.

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कड़े विरोध के बाद भी हुआ था जनमत संग्रह

स्पेन से अलग होने के लिए सरकार के कड़े विरोध के बावजूद कैटेलोनिया में जनमत संग्रह हुआ था. जनमत संग्रह के दौरान काफी हिंसा हुई थी और लोग सड़क पर उतर आए थे. जनमत संग्रह के बाद कैटेलोनिया प्रशासन ने घोषणा कर बताया था कि जनमत संग्रह में भाग लेने वाले 90 फीसदी लोग स्पेन से अलग होना चाहते हैं. वहीं, स्पेन का कहना था कि देश की संवैधानिक अदालत ने इस जनमत संग्रह को अवैध करार दिया है. प्रधानमंत्री मारियानो रहोई ने कहा था कि जनमत संग्रह हुआ ही नहीं है. हालांकि इसके बावजूद आज कैटालोनिया अलग होकर आजाद मुल्क बन गया.

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साल 2015 में अलगाववादियों ने किया था वादा

स्पेन में साल 2015 के चुनाव में कैटेलोनिया अलगाववादियों को जीत मिली थी. इस चुनाव के दौरान ही इन्होंने कैटेलोनिया को आजाद कराने के लिए जनमत संग्रह कराने का वादा किया था. साल 1977 में तानाशाही से उबरने के बाद से यह स्पेन में सबसे बड़ा राजनीतिक संकट माना जा रहा था. हालांकि स्पेन के नेतृत्व ने इस जनमत संग्रह को खारिज कर दिया था. दूसरी तरफ अदालतों ने भी इसे रोकने को कहा था.

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1 हजार साल पुराना इतिहास

स्पेन के सबसे समृद्ध इलाकों में शुमार कैटेलोनिया का करीब एक हजार साल पुराना इतिहास है. स्पेन में गृहयुद्ध से पहले इसे स्वायत्तता(स्वराज्य) मिली थी. साल 1939 से 1975 के बीच जनरल फ्रांसिस्को फ्रैंको के नेतृत्व में कैटेलोनिया की इस स्वायत्तता को खत्म कर दिया गया था. हालांकि जब फ्रैंको की मौत हो गई, तो कैटेलोनिया को आजाद करने की फिर से मांग उठने लगी.

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इसका नतीजा यह हुआ कि साल 1978 के संविधान में इसके पूर्वोत्तर इलाकों को फिर से स्वायत्तता देनी पड़ी. इसके बाद साल 2006 में एक अधिनियम के तहत कैटेलोनिया की शक्तियों में इजाफा कर दिया गया. इस बीच कैटेलोनिया का आर्थिक दबदबा बढ़ा और वह एक राष्ट्र के रूप में देखा जाने लगा. हालांकि यह ज्यादा दिन नहीं रही और स्पेन की कोर्ट ने साल 2010 में सारी शक्तियां वापल ले ली, जिससे कैटेलोनिया प्रशासन नाराज हो गया था.

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लंबे समय से चल रहा था विवाद

कैटेलोनिया लंबे समय से स्पेन से अलग होने की मांग कर रहा था. कैटेलोनिया का वित्तीय दबदबा अधिक था और वहां के लोगों का आरोप था कि उन्हें इसका फायदा नहीं मिल रहा है. हाल ही में इस विवाद को लेकर हिंसा भी बढ़ी और कैटेलोनिया में हिंसा के बीच एक जनमत संग्रह करवाया गया, जिसमें भाग लेने वाले 90 फीसदी लोगों ने स्पेन से अलग होने की मांग रखी.

क्यों अलग हुआ कैटेलोनिया

कैटेलोनिया के पास अपनी संसद है. इसका अलग झंडा, पुलिस भी है. दूरसंचार के लिए इसके पास अपने नियामक और विदेशों में प्रतिनिधि कार्यालय भी हैं, जिससे दुनिया भर में कैटेलोनिया के व्यापार और निवेश को बढ़ावा दिया जा सके.

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