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केजरीवाल-नजीब में फिर जंग, CM ने कहा- अपने काम पर ध्यान दें LG

गृहमंत्रालय की इस चिट्ठी की वजह से केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच एक बार फिर से टकराव की स्थिति पैदा हो गई है. 'इंडिया टुडे' के पास गृहमंत्रालय की भेजी चिट्ठी की एक्सक्लूसिव कॉपी है.

प्रियंका झा/अंकित त्‍यागी
  • नई दिल्ली,
  • 07 जून 2016,
  • अपडेटेड 6:56 PM IST

दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच का टकराव और बढ़ गया है. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि है कि वह सीधे गृमंत्रालय को जवाब देंगे. उपराज्यपाल दिल्ली की खराब कानून-व्यवस्था पर ध्यान दें. बता दें कि गृहमंत्रालय ने नजीब जंग की शिकायत के बाद दिल्ली सरकार में नियुक्त सभी अफसरों की जानकारी मांगी है. इनमें वे अफसर भी शामिल हैं जो कॉन्ट्रेक्ट पर काम कर रहे हैं.

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केजरीवाल ने जंग को निशाना बनाकर कहा कि वे सीधे गृहमंत्रालय को जवाब देंगे, इस मुद्दे में आप शामिल न हों. दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो गई है, बेहतर होगा जंग इसपर ध्यान दें, क्योंकि दिल्ली पुलिस गृहमंत्रालय और उपराज्यपाल के नियंत्रण में है.

जंग को बताया पीएम का जासूस
इससे पहले आम आदमी पार्टी ने उपराज्यपाल नजीब जंग को पीएम मोदी का जासूस बताया था. गृहमंत्रालय ने 24 मई को एक चिट्ठी लिख कर दिल्ली सरकार से सभी डिप्यूटेड अफसरों की जानकारी मांगी है. इसमें सिर्फ बाबू ही नहीं बल्कि उन अफसरों के नाम भी बताने हैं जो कॉन्ट्रेक्ट पर दिल्ली सरकार में हैं.

गृहमंत्रालय की इस चिट्ठी की वजह से केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच एक बार फिर से टकराव की स्थिति पैदा हो गई है. 'इंडिया टुडे' के पास गृहमंत्रालय की भेजी चिट्ठी की एक्सक्लूसिव कॉपी है.

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नजीब की चिट्ठी से शुरू हुई जंग
इन सबमें खास बात यह है कि पूरा मामला दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग की पीएमओ को लिखी एक चिट्ठी से शुरू हुआ है. जंग ने फरवरी 2016 में प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिख कर शिकायत की थी कि एक इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ इंजीनियर्स के एक अफसर को दिल्ली सरकार ने डेप्यूट किया है. जंग ने शिकायत की कि अफसर एसके नागरवाल को दिल्ली के गृहमंत्रालय के साथ काम करते हुए पाया गया है. जबकि वह रेलवे से स्टडी लीव पर थे.

हालांकि दिल्ली के गृहमंत्री सतेंदर जैन ने 'इंडिया टुडे' से बातचीत के दौरान एलजी के इन आरोपों को निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि यह दिल्ली सरकार के कामकाज में दखलअंदाजी की कोशिश है. उन्होंने कहा कि जब रेलवे ने एसके नागरवाल को रीलीज ही नहीं किया तो उन्हें दिल्ली सरकार में शामिल करने का सवाल ही नहीं उठता है. इतना ही नहीं AAP नेता संजय सिंह ने एलजी नजीब जंग पर पीएमओ के जासूस होने का भी आरोप लगाया. संजय सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में असफल होने के बाद बीजेपी अब दिल्ली सरकार को अस्थिर करना चाहती है.

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