
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में से चार राज्यों में सरकार बनाने और उत्तर प्रदेश में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी की नजर इस साल के आखिर में गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों पर है. गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का गृह राज्य है, इसलिए बीजेपी के लिए यहां जीत हासिल करना काफी अहम हो जाता है. बीजेपी जल्द चुनाव भी करा सकती है.
जल्दी चुनाव करने पर विचार संभव
उत्तर प्रदेश में मोदी लहर के लिटमस टेस्ट को पास करने के बाद बीजेपी गुजरात में समय से पहले चुनाव करवा सकती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात मॉडल के दम पर ही पहले प्रधानमंत्री पद का चुनाव जीता था, वहीं यही विकास का मॉडल उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक जीत का कारण बना.
यूपी में 325, गुजरात में 150
उत्तर प्रदेश में 403 में से 325 सीटें जीत कर बीजेपी गदगद है. यही वजह है कि गुजरात में उन्होंने 150 सीटें जीतने का टारगेट रखा है. गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं, वहीं इस समय बीजेपी के पास कुल 121 सीटें हैं. कांग्रेस 57 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है.
2019 के लिए जरुरी है गुजरात
बीजेपी गुजरात में लगभग पिछले 20 सालों से सत्ता में है. यही कारण है कि 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले गुजरात चुनाव जीतना बीजेपी के लिए जरुरी हो जाता है. गुजरात की जीत या हार का ब्रांड मोदी पर सीधा असर पड़ेगा. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी के अनुसार पूरे देश में अभी भी मोदी लहर बरकरार है, अगर गुजरात में जल्दी चुनाव होते हैं, तो हम यहां 150 से ज्यादा सीटें जीतेंगे.
गुजरात में हैं कई चुनौतियां
जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात की सत्ता से निकल केंद्र की सत्ता में आएं हैं, बीजेपी के लिए गुजरात में लगातार मुश्किलें बढ़ी हैं. आरक्षण को लेकर पाटीदारों की नाराजगी, हार्दिक पटेल का उदय, अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का गुजरात में घुसना समेत कई बड़ी चुनौतियों का सामना बीजेपी को आने वाले चुनावों में करना पड़ सकता है.