
जीबी रोड पर चल रहे कोठों के असली मालिकों का पता लगाने के लिए दिल्ली महिला आयोग ने कुछ दिन पहले समन जारी किए थे. साथ ही दिल्ली महिला आयोग में पेश ना होने वाले लोगों के नाम पुलिस को देकर पुलिस से उन्हें डीसीडब्ल्यू में पेश करने के आदेश भी दिए. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा कि इसके बाद भी जानकारी ना देने वालों के खिलाफ आयोग गिरफ्तारी वारंट जारी करेगा.
आयोग के समक्ष पेश हुए कई कोठों के मालिक
ज्ञात हो कि दिल्ली महिला आयोग ने जीबी रोड पर चलने वाले कोठों के असली मालिकों का पता लगाने के लिए समन जारी कर उन्हें 21 सितंबर को आयोग में पेश होने के आदेश जारी किए थे. कई कोठा चलाने वाले दिल्ली महिला आयोग के ऑफिस पहुंचे, जिन्होंने खुद को कोठे का मालिक बताया. आयोग ने इन लोगों से कोठे की इमारत के मालिकाना हक के दस्तावेज लेकर आने के लिए कहा था.
पेश ना होने पर जारी होगा गिरफ्तारी वारंट
इन लोगों के अलावा बहुत से ऐसे कोठा संचालक और भी हैं, जिन्हें आयोग द्वारा समन जारी किए गए थे, लेकिन वे आयोग के सामने पेश नहीं हुए. अब दिल्ली महिला आयोग पुलिस को उन लोगों के नाम देकर आयोग में पेश कराने का आदेश दिया है. इसके बावजूद अगर कोठा मालिक आयोग में पेश नहीं हुए, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा.
नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण
इस मसले पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा कि जीबी रोड के कोठों पर अक्सर नाबालिग लड़कियों को लाकर बेचा जाता है और 30-30 लोग उनका यौन शोषण करते हैं. जब पुलिस वहां पर रेड करती है तो असली मालिक कभी सामने नहीं आते बल्कि कोठों के संचालक व संचालिकाएं ही पकड़े जाते हैं, जो बाद में कोठों के असली मालिक ना होने की वजह से कोर्ट से छूट जाते हैं.
असली मालिकों को सजा दिलाने के लिए चलाई मुहिम
मानव तस्करी का अड्डा बन चुके जीबी रोड के असली मालिकों तक पहुंचने के लिए दिल्ली महिला आयोग ने यह मुहिम चलाई है ताकि जब जीबी रोड से कोई नाबालिग लड़की मिले, तो कोठों के असली मालिकों को गिरफ्तार किया जा सके और उन्हें कड़ी सजा दिलाई जा सके.