
झारखंड विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और भारतीय जनता पार्टी के बाद कांग्रेस ने भी अपनी पहली सूची जारी कर दी है. कांग्रेस द्वारा जारी की गई सूची में 5 उम्मीदवारों के नाम हैं. इस लिस्ट में झारखंड में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव का नाम भी शामिल है जो आगामी विधानसभा चुनाव में लोहरदगा से चुनाव लड़ेंगे. देर रात एक और उम्मीदवार की घोषणा की गई और कांग्रेस ने देवेंद्र सिंह बिट्टू को पांकी विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है.
इससे पहले झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी महागठबंधन ने 8 नवंबर को सीट बंटवारे की घोषणा कर दी थी. महागठबंधन में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के शामिल होने की घोषणा की गई, और कहा गया कि महागठबंधन से झामुमेा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री के उम्मीदवार होंगे.
रांची प्रेस क्लब में झारखंड कांग्रेस प्रभारी आर. पी.एन. सिंह और झामुमो के हेमंत सोरेन ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य की 81 सीटों में से झामुमो 43 तथा कांग्रेस 31 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि आरजेडी को सात सीटें दी गई हैं.
हेमंत सोरेन होंगे CM पद के उम्मीदवार
आरपीएन सिंह के मुताबिक हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन इस चुनाव को लड़ेगा और वही महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे. उन्होंने जोर देकर कहा, "किसी भी विधानसभा सीट पर दोस्ताना संघर्ष नहीं होगा. ऐसा करने वाले नेता पर संबंधित पार्टी तत्काल कार्रवाई करेगी."
संवाददाता सम्मेलन में हेमंत सोरेन ने कहा कि घटक दलों से अभी कई मुद्दों पर बात जारी है. उन्होंने कहा, "हमने अभी एक कड़ी जोड़ी है. अभी और कड़ी जुड़ेगी." उन्होंने कहा कि सीटों का प्रश्न नहीं है, झारखंड से भाजपा को हटाने की बात है.
बता दें कि चुनाव आयोग ने झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है. झारखंड में पांच चरणों में विधानसभा के चुनाव होंगे. पहले चरण का मतदान 30 नवंबर को होगा. 7 दिसंबर को दूसरे, 12 दिसंबर को तीसरे चरण के तहत वोटिंग होगी. वहीं, चौथे चरण की वोटिंग 16 दिसंबर को जबकि 20 दिसंबर को पांचवें चरण की वोटिंग होगी. विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी को खत्म होगा. झारखंड के 19 जिले नक्सल प्रभावित हैं. 67 सीटें नक्सल प्रभावित हैं.