Advertisement

दिल्ली: प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों का वेतन काटना गलत, हाई कोर्ट में याचिका दायर

कानून की पढ़ाई कर रहे मुकुल शर्मा ने हाई कोर्ट में ये याचिका लगाई है. याचिकाकर्ता के द्वारा दिल्ली के 2 दर्जन से ऊपर ऐसे स्कूलों की लिस्ट भी आ गई है जो अपने शिक्षकों का वेतन पूरा नहीं दे रहे हैं.

दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट
पूनम शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 12:23 AM IST

  • दिल्ली हाई कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया
  • कानून की पढ़ाई कर रहे मुकुल शर्मा ने हाईकोर्ट में ये याचिका लगाई है

दिल्ली हाई कोर्ट में शिक्षकों को उनका पूरा वेतन दिलाने के लिए एक जनहित याचिका लगाई गई है इस याचिका में कहा गया है कि लॉकडाउन के बाद से स्कूल शिक्षकों को पूरा वेतन नहीं दे रहे हैं. याचिकाकर्ता का कहना है कि ऑनलाइन क्लासेज करा रहे हैं इसके अलावा स्कूल नहीं खुलने के कारण प्रशासन का बाकी का भी कोई खर्चा नहीं हो रहा है. ऐसे में शिक्षकों का वेतन काटा जाना पूरी तरह से गैरकानूनी है. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है और इस पर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई होनी है.

Advertisement

नेपाल के PM की फोटो पर 5 लाख से ज्यादा कमेंट, लोगों ने यूं मांगा न्याय

कानून की पढ़ाई कर रहे मुकुल शर्मा ने हाई कोर्ट में ये याचिका लगाई है. याचिकाकर्ता के द्वारा दिल्ली के 2 दर्जन से ऊपर ऐसे स्कूलों की लिस्ट भी आ गई है जो अपने शिक्षकों का वेतन पूरा नहीं दे रहे हैं. याचिका में कहा गया है कि सभी शिक्षक अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं. ऐसे में जब स्कूलों के बाकी खर्चे ऑनलाइन क्लासेज के चलते खत्म हो गए हैं तो शिक्षकों का वेतन पूरा देना चाहिए. याचिकाकर्ता ने याचिका में उठाए गए मुद्दे को साबित करने के लिए दिल्ली के प्राइवेट उन स्कूलों की लिस्ट भी याचिका में संलग्न की है जो पिछले कई महीनों से शिक्षकों के वेतन को काट रहे हैं.

Advertisement

स्कूल के स्टाफ का भी वेतन काट कर दिया जा रहा- याचिका

याचिका में कहा गया है कि शिक्षकों को पूरा वेतन और उनके पुराने एरियर 2 दिनों के भीतर स्कूलों द्वारा वापस करने का आदेश दिल्ली हाई कोर्ट दे. याचिकाकर्ता का तर्क है दिल्ली सरकार के द्वारा तय की गई ट्यूशन फीस को प्राइवेट स्कूल सभी अभिभावकों से वसूल रहे हैं. ऐसे में जब स्कूल दिल्ली सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक बच्चों की फीस ले सकते हैं तो फिर शिक्षकों का वेतन किस आधार पर काटा जा सकता है. याचिका में कहा गया है कि फिलहाल शिक्षकों की आर्थिक स्थिति कोरोना के मद्देनजर पहले से ही खराब है ऐसे में वेतन भी कटकर मिलने के कारण उनके लिए घर को चलाना मुश्किल हो चला है.

विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार का दांव, शिक्षकों की सैलरी 22% बढ़ाई

याचिकाकर्ता का तर्क है कि दिल्ली के सभी स्कूल लॉकडाउन के आसपास ही मार्च के महीने से बंद कर दिए गए थे. यानी पिछले 6 महीनों से स्कूलों के सभी खर्चे भी खत्म हो गए हैं. स्कूलों को खर्चे के नाम पर अब सिर्फ स्कूल के शिक्षकों और बाकी के स्टाफ को वेतन पर ही खर्च करना पड़ रहा है. बच्चों को पढ़ाई से लेकर एग्जाम तक सभी कुछ ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से कराया जा रहा है. याचिका में कहा गया है कि प्राइवेट स्कूलों ने सिर्फ शिक्षकों के वेतन को ही नहीं काटा बल्कि बाकी और स्कूल के स्टाफ का भी वेतन काट कर दिया जा रहा है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement