
नागरिकता कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन हिंसक हो गया है. पहले जामिया इलाके में हिंसा भड़की और हिंसा की लपटें सीलमपुर इलाके तक पहुंच गईं. हालांकि पुलिस एक्शन के बाद प्रदर्शन शांत हो गया. दिल्ली में हुई हिंसा पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने गृह सचिव अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की. पुलिस कमिश्नर ने गृह सचिव को नागरिकता कानून पर हो रही हिंसा के संबंध में जानकारी दी. सूत्रों का दावा है कि जाफराबाद और दिल्ली के जामिया इलाके में हुई घटना के बारे में भी पुलिस कमिश्नर ने जानकारी दी.
सूत्रों के मुताबिक जफराबाद और दिल्ली के जामिया इलाके में हुई घटना के बारे में विस्तृत रिपोर्ट दी. गृह सचिव की बैठक में IB चीफ, स्पेशल सीपी दिल्ली लॉ एंड ऑर्डर और गृह मंत्रालय के दूसरे अधिकारी भी मौजूद थे. सूत्रों के मुताबिक बैठक में दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने जामिया इलाके में हुई हिंसक घटना में गिरफ्तार लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई और सीलमपुर के जफराबाद में हुई घटना के बारे में विस्तृत रिपोर्ट गृह सचिव को सौंपी है.
सीलमपुर में भी हुई हिंसा
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन जारी है. उत्तर पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में भी बड़ी संख्या में लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया. इनकी मांग थी कि नए नागरिकता कानून को वापस लिया जाए. प्रदर्शन के दौरान कई गाड़ियों के शीशे तोड़े गए. पथराव में कुछ पुलिसवाले और प्रदर्शनकारी घायल हुए. हालांकि अब हालात काबू में है. पुलिस ने कहा कि उपद्रवियों को मौके से हटा लिया गया. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
इससे पहले भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस आंसू गैस के गोले दागे. प्रदर्शन के कारण सीलमपुर से जाफराबाद सड़क को बंद कर दिया गया. भीड़ ने कई बसों मे तोड़फोड़ की. पुलिस ने पूरे इलाकों के घेरकर ऑपेरशन शुरू किया है. प्रदर्शन के कारण सीलमपुर, जाफराबाद, वेलकम, मौजपुर-बाबपुर, गोकुलपुरी समेत कई मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया था.
कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
पथराव के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई. गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इस प्रदर्शन को 2 बजे शुरू करने का प्लान था. इसके लिए भीड़ इकट्ठा हुई. इस दौरान हिंसा शुरू हो गई.