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टेलीकॉम अथॉरिटी (TRAI) की ओर से फेसबुक के फ्री बेसिक्स कैंपेन को रद्द किए जाने पर नाराजगी जताना फेसबुक के एक डायरेक्टर को भारी पड़ गया. फेसबुक के डायरेक्टर्स में से एक मार्क एंड्रीसन ने ट्विटर पर इस मामले में टिप्पणी की थी.
दरअसल, एंड्रीसन ने ट्विटर पर ट्राई के फैसले पर सवाल उठाते हुए लिखा था- 'उपनिवेशवाद के खिलाफ जाना आर्थिक रूप से भारतीय लोगों के लिए सही नहीं है. यह दशकों से चला आ रहा है. तो अब विरोध क्यों.'
आखिरकार डिलीट करना पड़ा ट्वीट
44 वर्षीय पूंजीपति के उस ट्वीट को लोगों ने नस्लीय करार देते हुए उनको जमकर खरी-खोटी सुनाई जिसके चलते उन्हें ट्वीट डिलीट करना पड़ा. यही नहीं, उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी. माफी के लिए लिखे ट्वीट में उन्होंने भारत की तारीफ करते हुए लिखा- 'भारत के लोग बेहद शानदार हैं.'
लोगों ने की ईस्ट इंडिया कंपनी से तुलना
मार्क एंड्रीसन के सहकर्मी बेनेडिक्ट इवॉन का ज्यादातर समय उन लोगों को जवाब देने में बीता जिन्होंने उनके ट्वीट को नस्लीय टिप्पणी बताते हुए निंदा की. कुछ लोगों ने एंड्रीसन के बयान पर फेसबुक की तुलना 'ईस्ट इंडिया कंपनी' करनी शुरू कर दी, जिसके बाद यह भारत में ट्रेंड करना लगा.
बता दें कि सिलिकॉन वैली में स्थित सोशल और टेक कंपनियों में मार्क एंड्रीसन का अच्छा खासा पैसा लगा है.