
चीन द्वारा डोकलाम पर फिर से बयानबाजी शुरू करने के बीच भारत के आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने लेह का दौरा किया. रावत ने इस्टर्न लद्दाख के चीन सीमा के पास स्थित अग्रिम पोस्ट का दौरा किया.
इस्टर्न लद्दाख के चीन सीमा के पास स्थित अग्रिम पोस्ट पर बिपिन रावत ने जवानों से बात की. आपको बता दें कि यहां तापमान हमेशा शून्य के नीचे रहता है. आर्मी चीफ के साथ त्रिशूल डिविजन के जीओसी भी थे.
आर्मी चीफ को इस्टर्न लद्दाख के चीन सीमा के पास स्थित इस अग्रिम पोस्ट पर जवानों की तैयारी से अवगत कराया गया. आर्मी चीफ ने जवानों के प्रयासों को सराहा जो प्रतिकूल मौसम में भी देश की रक्षा में डटे हुए हैं. जवानों ने बताया कि आर्मी चीफ के दौरे ने उनके अंदर जोश भरा है.
आपको बता दें कि आर्मी चीफ का दौरा उस समय हुआ है जब चीन डोकलाम पर एक बार फिर दावा कर रहा है. चीन ने डोकलाम पर एक बार फिर भारत को चेताया है. पिछले साल चले गतिरोध पर चीन ने कहा कि भारत को इससे सबक लेना चाहिए. डोकलाम चीन का हिस्सा है. चीन का यह बयान भारत के राजदूत के उस बयान के बाद आया था जिसमें कहा गया था कि चीन डोकलाम की स्थिति को बदलने का प्रयास न करे.
चीन में भारत के राजदूत गौतम बम्बावले के बयान के जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने दोहराया था कि डोकलाम चीन का हिस्सा है, क्योंकि हमारे पास ऐतिहासिक संधिपत्र हैं. उन्होंने मीडिया से कहा था कि यहां चीन की गतिविधियां हमारे सार्वभौम अधिकार के तहत हैं. यथास्थिति बदलने जैसा कुछ भी नहीं है.
गौरतलब है कि भारतीय राजदूत ने हॉंगकांग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ से साक्षात्कार में डोकलाम गतिरोध के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया था और कहा था कि चीन ने यथास्थित बदलने की कोशिश की थी, इसीलिए ऐसा हुआ था. उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था.