
वारदात तो कई होती हैं और बाद में बदमाश भी पकड़े जाते हैं. लेकिन द्वारका साउथ थाने की पुलिस टीम ने मेडिकल स्टोर पर लूटपाट के एक सनसनीखेज मामले की बेहद साइंटिफिक तरीके से जांच करके खुलासा किया. पुलिस ने लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश को चाकू के रैपर पर लगे बारकोड की मदद से ढूंढ निकाला. पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले उसी मेडिकल स्टोर में काम करता था और ये लूट उसने न्यू ईयर पार्टी मनाने के लिए की थी.
चाकू के दम पर की थी लूट
द्वारका के डीसीपी एन्टो अल्फोंस ने बताया कि लूट का यह मामला द्वारका सेक्टर 9 का है. जहां एक बदमाश ने चाकू दिखाकर अपोलो फार्मेसी की शॉप पर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया. बताया जा रहा है कि लूट से पहले दवाई लेने के लिए वह चेहरा ढक कर गया. इसके बाद मौका लगते ही उसने दुकानदार को चाकू निकालकर डराया और शटर गिराने को कहा. उसके बाद आरोपी वहां से 70 हजार कैश और तीन हजार की दवाई लूट कर फरार हो गया.
पुलिस ने की बारीकी से जांच
वारदात के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही द्वारका पुलिस मौके पर पहुंची. डीसीपी एंटो अल्फोंस ने बताया कि फार्मेसी की दुकान में लूटपाट करने के मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई. इसमें एसएचओ राम निवास की देखरेख में सब इंस्पेक्टर राकेश, मुकेश, विकास कुमार, विकास पिलानिया, हेड कांस्टेबल समय सिंह की टीम बनाई गई.
इस पुलिस की टीम को शॉप के बाहर एक चाकू का रेपर मिला जो दिल्ली मार्ट का निकला. जांच में पता चला कि दिल्ली में 21 आउटलेट हैं. पुलिस टीम ने एक-एक की बारीकी से जांच की. आखिरकार वह महावीर इन्क्लेव आउटलेट का निकला. वहां पहुंचने पर पता चला कि उस आउटलेट से चाकू खरीदा गया था. पूछताछ में पता चला कि उस चाकू को खरीदने के लिए पेटीएम से पेमेंट किया गया था.
पहले उसी मेडिकल शॉप पर करता था काम
इस खुलासे के बाद पुलिस ने पेटीएम से नंबर की डिटेल निकलवाई और फिर लुटेरे तक पहुंच गई. पुलिस ने आरोपी से पूछताछ बाद 65 हजार कैश, मेडिसिन और वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली. जांच में पता चला कि गिरफ्तार लुटेरे का नाम गौरव है वो पहले उसी मेडिकल शॉप पर काम करता था. उसे पता था कि शॉप में कैश कब कितना होता है. 15 दिसम्बर के बाद उसका ट्रांसफर दूसरे आउटलेट पर कर दिया गया था.
उसने न्यू ईयर पर पार्टी के लिए लूट की योजना बनाई जिससे उस पैसे से पार्टी कर सके. इसके लिए उसने दिल्ली मार्ट से सब्जी काटने वाला चाकू खरीदा और फिर वारदात को अंजाम दिया. पूछताछ में यह भी पता चला कि वह विवेक विहार में हुए लूट और डबल मर्डर के मामले में गिरफ्तार होकर 8 साल जेल में रह चुका है. बाद में जेल से निकलने के बाद वह नौकरी करने लगा.