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पत्रकार पर केस दर्ज करने का मामला: एक्शन में PCI, UP के कई अधिकारी तलब

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में मिड-डे-मिल की खबर बनाने वाले पत्रकार पवन जायसवाल पर मुकदमे दर्ज किए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है. इस मामले में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को तलब किया है. मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और मिर्जापुर के पुलिस अधीक्षक से 18 दिसबंर तक जवाब मांगा गया है.

 प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने अफसरों को किया तलब प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने अफसरों को किया तलब
शिवेंद्र श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 11 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 9:40 AM IST

  • प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने यूपी के अधिकारियों को किया तलब
  • एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया कार्रवाई को पहले ही बता चुका है निंदनीय

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में मिड-डे-मिल की खबर बनाने वाले पत्रकार पवन जायसवाल पर मुकदमे दर्ज किए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है. इस मामले में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को तलब किया है. मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और मिर्जापुर के पुलिस अधीक्षक से 18 दिसबंर तक जवाब मांगा गया है.

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एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया पहले ही यूपी के मिर्जापुर के स्थानीय पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कड़ी निंदा पर चुका है. एडिटर्स गिल्ड ने पत्रकार के खिलाफ की गई कार्रवाई को पत्रकारों के खिलाफ उठाया गया क्रूर कदम बताया था. मिर्जापुर में स्थित एक प्राइमरी स्कूल के बच्चों को नमक के साथ रोटी खिलाने का मामला सामने आया था.

पत्रकार पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी तरीके और गलत मंशा से स्कूल में बच्चों के मिड-डे-मील का वीडियो बनाया और उनका साथ गांव के प्रधान ने भी दिया.

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट शेखर गुप्ता, जनरल सेक्रटरी एके. भट्टाचार्य और ट्रेजरार शीला भट्ट ने एक लेटर जारी करके यूपी सरकार के इस कदम को निंदनीय और क्रूर बताया था. साथ ही कहा कि लोकतांत्रिक समाज में निर्भीक पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है.

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एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के बाद अब  प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को 18 दिसंबर को किया तलब।चीफ सेक्रेटरी, होम सेक्रेटरी, डीजीपी,एसपी मिर्ज़ापुर से मांगा जवाब.

क्या है पूरा मामला

मिर्जापुर के हिनौता के प्राइमरी स्कूल में बच्चे मिड डे मील (दोपहर का भोजन) में नमक के साथ रोटी खाते दिखाई दिए थे. इस मामले को जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने शिक्षक और सुपरवाइजर की लापरवाही बताया. उन्होंने कहा था कि मिड डे मील में लापरवाही बरतने के आरोप में शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया, वहीं सुपरवाइजर से इस मामले में जवाब मांगा गया. प्रशासन ने मामले की जांच का आदेश दे दिया था.

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