Advertisement

शादीशुदा भारतीयों को अफेयर चलाने के लिए खूब रास आ रहा है ये ऐप!

ऑनलाइन डेटिंग एप ग्लीडेन पर महिलाओं की संख्या भी पुरुषों के बराबर ही है. इसमें सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन कराने वालों में बेंगलुरु शहर सबसे आगे है. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की तलाश करने वाले विवाहितों के लिए बना प्लैटफॉर्म ग्लीडेन तेजी से उभर रहा है.

शादीशुदा जिंदगी से परेशान लोग कर रहे हैं इस ऑनलाइन डेटिंग एप का इस्तेमाल शादीशुदा जिंदगी से परेशान लोग कर रहे हैं इस ऑनलाइन डेटिंग एप का इस्तेमाल
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 28 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 5:45 PM IST

एक्स्ट्रा-मैरिटल डेटिंग एप ग्लीडेन एक बार फिर सुर्खियों में है. ग्लीडेन के हालिया सर्वे के मुताबिक, करीब 8 लाख भारतीय ग्लीडेन पर रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. खास बात ये है कि इनमें महिलाओं की संख्या भी कम नहीं है. ग्लीडेन पर सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन कराने वालों में बेंगलुरु शहर सबसे आगे है. ये सर्वे जनवरी के पहले हफ्ते में किया गया था जब लोगों की छुट्टियां खत्म हो चुकी थीं और बच्चों के स्कूल खुल गए थे.

Advertisement

नवंबर 2019 में कराए गए सर्वे में ग्लीडेन पर आने वाले लोगों में मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, गुड़गांव, अहमदाबाद, जयपुर, चंडीगढ़, लखनऊ, नोएडा, नागपुर, सूरत और भुवनेश्वर के लोग सबसे ज्यादा थे.

ये भी पढ़ें: पति में इतनी खूबियां होने के बावजूद पत्नी ने क्यों दिया तलाक?

शादीशुदा जिंदगी में नाखुश लोगों को फ्रांस के इस ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म में ही अपनी लाइफलाइन नजर आ रही है. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की तलाश करने वाले विवाहितों के लिए ग्लीडेन दुनिया का सबसे बड़ा प्लैटफॉर्म बन गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रेंच एक्सट्रामैरिटल अफेयर ऐप की ग्रोथ रेट 567 फीसदी है जिससे साफ पता चलता है कि दुनिया भर के तमाम लोग शादी से बाहर रोमांस खोज रहे हैं.

ग्लीडेन शादीशुदा लोगों के लिए विवाहेतर संबंधों पर आधारित दुनिया का पहला डेटिंग ऐप है. यह ऐप फ्रांस में 2009 में लॉन्च हुआ था और भारत में यह 2017 में आया. कंपनी की मैनेजर सोलेन पेलेट कहती हैं, "भारत में बिना किसी मार्केटिंग और विज्ञापनों के ही सब्सक्रिप्शन बढ़ रहे हैं. लोग ऐप में दिलचस्पी ले रहे हैं. भारत में विवाहेतर संबंधों की स्वीकार्यता नहीं है. ज्यादातर भारतीय फ्लर्टिंग के लिए वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहे हैं."

Advertisement

इससे पहले ग्लीडेन की मार्केटिंग स्ट्रेटजिस्ट सोलेन पैलेट बता चुकी हैं कि भारत की महिलाओं के बीच भी इस एप की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. पिछले साल ग्लीडेन के भारतीय यूजर्स में 25 फीसदी महिलाएं थीं, जो आज बढ़कर 35 फीसदी हो गई हैं. इससे जाहिर होता है कि इस एप से हर रोज ज्यादा से ज्यादा महिलाएं जुड़ रही हैं.

ये भी पढ़ें: शादी पर कम खर्च करना भी बन सकता है तनाव और तलाक की वजह!

ग्लीडेन डॉट कॉम महिलाओं का एक ग्रुप चलाता है. ये एप महिला यूजर्स के लिए पूरी तरह निशुल्क है वहीं पुरुषों के लिए इसकी कीमत तय है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर आने वालों का आयु वर्ग 34 से 49 वर्ष तक का है. भारत में ज्यादातर वकील, डॉक्टर्स और वरिष्ठ कार्यकारी जैसे कई पेशे के लोग इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं.

ग्लीडेन का दावा है कि यह आपकी पहचान छिपाने की पूरी गारंटी देता है. इस प्लेटफॉर्म पर आने के लिए बच्चों की संख्या, वैवाहिक स्थिति, व्यवसाय, आय, अपना फिगर, बालों का रंग और लंबाई, आंखों का रंग और आदतें सहित कई अन्य निजी जानकारियां देनी पड़ती हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement