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बीजापुर में पीएम मोदी ने हल्बी भाषा से शुरू किया अपना भाषण

ग्रामीणों की आतुरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका अभिवादन स्वीकार किया और अपने भाषण की शुरुआत हल्बी भाषा से की. पीएम मोदी का भाषण शुरू होते ही कुछ देर के लिए पूरी जनता खामोश हो गई.

पीएम मोदी पीएम मोदी
परमीता शर्मा/सुनील नामदेव
  • बीजापुर,
  • 14 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 8:54 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जांगला गांव पहुंचे तब उनकी एक झलक पाने के लिए दूर- दूर से ग्रामीणों का हुजूम कार्यक्रम स्थल पर टूट पड़ा. आदिवासी बाहुल्य इलाका होने के चलते ग्रामीणों ने अब तक पीएम नरेंद्र मोदी के बारे में केवल सुना ही था और उन्हें अपने सामने देख वो उत्सुक थे.

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ग्रामीणों की आतुरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका अभिवादन स्वीकार किया और अपने भाषण की शुरुआत हल्बी भाषा से की. पीएम मोदी का भाषण शुरू होते ही कुछ देर के लिए पूरी जनता खामोश हो गई. उनके भाषण के चंद लाइनें सुन सभी लोगों के चहरे खिल उठे. अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी ने बीजापुर की आराध्या देवी मां दंतेश्वरी, भैरमगढ़ के भैरव बाबा, भोपाल पटनम के भद्रकाली का जिक्र करते हुए बस्तर के सभी देवी देवताओं को प्रणाम किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जांगला में नक्सलियों पर बड़ा हमला बोला. सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अमर शहीदों और नक्सल हिंसा में मारे गए शहीद जवानों को नमन किया. उन्होंने अपने भाषण में नक्सलियों से समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की. प्रधानमंत्री मोदी ने आदिवासियों से यह भी कहा कि उन्हें हथियार उठाने की जरूरत नहीं है.

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उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि जो बाहरी लोग यहां आतंक फैला रहे हैं, उनके मुखिया यहां के नहीं हैं, वो बाहर से आए हैं. उन्हीं की वजह से बेकसूर बच्चे मारे जा रहे हैं, कई परिवार उजड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार दोहरी नीति पर काम कर रही है. एक विकास की नीति और दूसरी बहके हुए लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की नीति.

उन्होंने कहा कि पिछड़े जिले के रूप में पहचाने जाने वाला बस्तर अब बदल रहा है . यहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया हो रही हैं. वही नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा बलों के बलिदान को सलाम भी किया. उन्होंने कहा कि जवान अपनी जान की परवाह किए बिना ही घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क, मोबाइल टावर, स्कूल- अस्पताल बनाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं जिससे बस्तर दिन-ब-दिन प्रगतिशील होता जा रहा है.

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