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PAK सेना और ISI का नया प्लान जानकर रह जाएंगे दंग!

कश्मीर में आतंकी हिंसा के पीछे पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई का एक बड़ा गेम प्लान है. खुफिया एजेंसियों ने इसका खुलासा करते हुए बताया है कि भारत में हमले के लिए पीओके में मौजूद लश्कर और जैश के आतंकियों ने नया प्लान बनाया है. इसके तहत नेपाल और गल्फ देशों के जरिए भारत में घुसपैठ की कोशिश करने की योजना है.

पाकिस्तानी सेना खुलकर आतंकियों को मदद कर रही है पाकिस्तानी सेना खुलकर आतंकियों को मदद कर रही है
मुकेश कुमार/मंजीत नेगी
  • नई दिल्ली,
  • 16 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 10:31 PM IST

कश्मीर में आतंकी हिंसा के पीछे पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई का एक बड़ा गेम प्लान है. खुफिया एजेंसियों ने इसका खुलासा करते हुए बताया है कि भारत में हमले के लिए पीओके में मौजूद लश्कर और जैश के आतंकियों ने नया प्लान बनाया है. इसके तहत नेपाल और गल्फ देशों के जरिए भारत में घुसपैठ की कोशिश करने की योजना है.

जानकारी के मुताबिक, आतंकियों के फर्जी पासपोर्ट बनवाए जा रहे हैं ताकि इनके जरिए वे नेपाल और गल्फ देशों के रास्ते आसानी से भारत में घुसपैठ कर सकें. इसके लिए पीओके में कई नए सेंटर बनाए गए हैं, जहां नए आतंकियों की भर्ती और उनकी ट्रेनिंग तेज हो गई है. इस नई रणनीति के तहत बड़े महानगरों में आत्मघाती हमलों को अंजाम देना है.

गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर के मुताबिक, हाल की घटनाओं से साफ हो गया है कि सीधे तौर पर पाकिस्तान कश्मीर में आतंक की आग को भड़का रहा है. पीओके में पाकिस्तानी सेना एक बार फिर से आतंकवादियों को एकजुट कर रही है. पाक सेना और आईएसआई की मदद से हाफिज सईद के कई खास सिपहसालार लगातार पीओके का दौरा कर रहे हैं.

रक्षा विशेषज्ञ रिटायर्ड मेजर जनरल भूपेश कुमार मानते हैं कि पाकिस्तानी सेना खुलकर आतंकियों को मदद कर रही. इसके पीछे एक बड़ी वजह दिसंबर से पहले पाक सेना प्रमुख राहील शरीफ पीएम नवाज शरीफ पर दबाव बनाकर अपना कार्यकाल बढ़ाना चाहते हैं. आतंकी अब तक पीर पंजाल के दक्षिण से घुसपैठ को अंजाम देते थे, जो प्राकृतिक लिहाज से अधिक सुगम है.

आतंकियों के लिए उत्तरी पील पंजाल का दुर्गम पहाड़ी इलाका विषमताएं भरा है, जो उन्हें भारी पड़ता है. ऐसे में कुछ आतंकी शिविरों को उत्तरी इलाके में पहुंचाकर पाक स्थित आतंकी आकाओं की कोशिश बड़ी संख्या में आतंकवादियों को भेजने की है. सीमा पार अब भी 40 से ज्यादा आतंकी प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं. 2000 से ज्यादा आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं.

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