
एआईएडीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता के निधन के बाद से कयास लगाए जा रहे थे उनका उत्तराधिकारी किसे चुना जाएगा. जयललिता की करीबी शशिकला नटराजन का नाम संभावनाओं में सबसे आगे चल रहा था और उन्हें पार्टी का महासचिव घोषित भी कर दिया गया. 5 फरवरी को शशिकला विधायक दल की नेता चुनी गईं. ओ पनीरसेल्वम ने वीके शशिकला का नाम प्रस्तावित किया और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.
इन 10 बातों से जानें, कौन हैं शशिकला और क्या है उनकी शख्सियत:
1. शशिकला से जयललिता की मुलाकात 1980 के दशक में हुई थी. तब वो पार्टी की प्रचार सचिव थीं.
2. शशिकला एआईएडीएमके चीफ जयललिता की सबसे करीबी थी और जयललिता उन पर बेहद विश्वास करती थी. करीब तीन दशकों तक दोनों के बीच गहरी दोस्ती रही. कुछ लोग शशिकला को जयललिता की परछाई कहा करते थे.
3. 2011 में शशिकला पर जयललिता को धीमा जहर देकर मारने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगा. आरोप था कि शशिकला जयललिता की हत्या के बाद अपने पति नटराजन को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहती थी.
4. इसके बाद जयललिता ने शशिकला को पार्टी से निकाल दिया और उनसे पूरी तरह दूरी बना ली. हालांकि बाद में शशिकला ने उनसे माफी मांग ली. जयललिता का दिल पिघल गया और उन्हें शशिकला को माफ कर दिया.
5. शशिकला के महासचिव बनने के बाद सत्ता के दो केंद्र बनेंगे. एक ओर सीएम पनीरसेल्वम तो दूसरी तरफ महासचिव शशिकला. वैसे तो दोनों ही नेता एक ही थेवर समुदाय से आते हैं और दोनों ही बिना जनाधार वाले नेता हैं, लेकिन सत्ता के दो केंद्र बनने से पार्टी के भीतर कलह मचने की आशंका है.
6. एआईएडीएमके में एक तरफ जहां शशिकला के काफी समर्थक हैं तो दूसरी तरफ उनके विरोधियों की भी कमी नहीं है. जयललिता के निधन के बाद शशिकला को पार्टी की कमान सौंपने की लगाई जा रही अटकलों के बीच भी सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों ने जबरदस्त विरोध दर्ज कराया था. जयललिता की भतीजी दीपा जयकुमार ने भी शशिकला को अविश्वसनीय इंसान बताया था.
7. जयललिता के निधन के बाद भले ही पनीरसेल्वम को मुख्यमंत्री पद सौंप दिया गया हो लेकिन अम्मा के अंतिम दर्शन से लेकर शव वाहन तक और फिर उनके अंतिम संस्कार तक शशिकला ही उनके सबसे नजदीक रहीं.