Advertisement

किम-ट्रंप में टक्कर हुई तो होगा महायुद्ध, रूस ने शुरू कर दी वर्ल्ड वॉर-3 की तैयारी!

ये तो खैर होना ही था, जिस तरह ट्रंप और किम जोंग उन खुन्नस खा कर एक-दूसरे के खिलाफ बयान देते जा रहे हैं इस मुकाम पर तो हालात आने ही थे और अब आ भी गए. लिहाज़ा जंग के हालात में सिर्फ कोरिया अमेरिका और जापान ही अपनी कमर नहीं कसेंगे बल्कि रूस ने भी अपने हथियारों को पैना करना शुरू कर दिया है.

किम और ट्रंप किम और ट्रंप
रोहित
  • नई दिल्ली ,
  • 06 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 8:12 AM IST

अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के दरमियान जंग के अंदेशे में अब दुनिया की बाकी महाशक्तियों ने भी कमर कसनी शुरू कर दी है. रूस ने तो बाकायदा इसे वर्ल्ड वॉर का खतरा बताते हुए अपनी मिलिट्री को तैयार रहने का आदेश जारी करते हुए. उत्तर कोरिया से लगने वाली सरहद पर तैनात कर दिया है. हालांकि रूस इस मामले की संजीदगी को देखते हुए न तो किसी का पक्ष ले रहा है बल्कि बहुत फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है. मगर रूस में हो रही इस हलचल एक बात तो साफ कर दी है कि अब मामला संजीदा हो चुका है.

Advertisement

ये तो खैर होना ही था, जिस तरह ट्रंप और किम जोंग उन खुन्नस खा कर एक-दूसरे के खिलाफ बयान देते जा रहे हैं इस मुकाम पर तो हालात आने ही थे और अब आ भी गए. लिहाज़ा जंग के हालात में सिर्फ कोरिया अमेरिका और जापान ही अपनी कमर नहीं कसेंगे बल्कि रूस ने भी अपने हथियारों को पैना करना शुरू कर दिया है. रूस में ये तैयारी कई चरणों में शुरू की गई है और खुद इसका खुलासा रूस की सिक्युरिटी काउंसिल के प्रमुख ने किया है. ये तो खैर पहले से तय था कि अगर जंग के हालात बने तो ये जंग सिर्फ उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया या अमेरिका के बीच नहीं बल्कि इसमें जापान, चीन और रूस को भी शामिल होना पड़ेगा.

एक तरफ नॉर्थ कोरिया है जो लगातार मिसाइल पे मिसाइल टेस्ट कर के खुश हो रहा है तो दूसरी तरफ अमेरिका है जो दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर मिलिट्री ड्रिल करके किम जोंग उन को अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है. मगर इन सब के बीच किसी को ये परवाह नहीं कि अगर जंग हुई तो ये परमाणु युद्ध में तब्दील हो जाएगी जिसकी तबाही का अंदाज़ा लगाना मुश्किल है. दूसरी बड़ी बात ये है कि इस युद्ध से दुनिया की दूसरी महाशक्तियां अछूती नहीं रह सकती हैं और अब इसका असर भी पड़ोसी मुल्कों में दिखने लगा है.

Advertisement

अगर ये ज़ुबानी जंग वाकई जंग में तब्दील होती है तो हमें इससे बचने के लिए उपाय खोजने होंगे. साथ ही इससे निपटने के लिए तैयारी भी करनी होगी. हालांकि हम लगातार कहते आ रहे हैं युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं है. ज़रूरी ये है कि हम इसे टालने की कोशिश करें. मगर चूंकी हालात खराब लग रहे हैं लिहाज़ा निश्चित तौर पर हमें उत्तर कोरिया की सरहद से लगने वाले अपने इलाकों को सुरक्षित करना होगा.

इस जंग को लेकर दुनिया कितनी फिक्रमंद है. इसकी झलक कोरियाई सीमा से लगे रूस जैसे मुल्क में उठाए जा रहे कदमों को देख कर की जा सकती है. रूस के राष्ट्रपति ब्लादमिर पुतिन ने तो अपने तेज़ तर्रार 15 हजार फौजी उत्तर कोरिया की अपनी 17 किमी. की सरहद पर तैनात कर दिए हैं, ताकि न्यूक्लीयर वॉर यानी परमाणु युद्ध की सूरत में लोग उत्तर कोरिया से विस्थापितों की सूरत में रूस में घुसने ना पाएं. हालांकि रूस, ट्रंप और किम जोंग उन के मिज़ाज को बखूबी जानता है, इसलिए बेहद फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है. लेकिन एक सच ये भी है कि दोनों मुल्क के दरमियान अगर कोई युद्ध टाल सकता है तो वो रूस ही है.

जहां रूस ने उत्तर कोरिया की सरहद पर अपने जंगी फौजी दस्तों को तैनात किया है. वहीं चीन भी कहां पीछे रहने वाला था. चीन ने भी उत्तर कोरिया से लगती अपनी सहरद पर हजारों फौजियों की तैनाती बढ़ा दी है जिससे आने वाले किसी भी ख़तरे से निपटा जा सके. रूस के साथ-साथ चीन को भी लगता है कि अगर उत्तर कोरिया पर ट्रंप बड़ा हमला बोलते हैं तो कहीं उसका असर सरहद पार उसके मुल्कों पर ना हो. लिहाज़ा कूटनीतिक तौर पर ये दोनों देश न तो उत्तर कोरिया के साथ खड़े दिख रहे हैं और न ही अमेरिका के साथ. लेकिन मगर अमेरिका के लिए मुश्किल ये है कि वो इन दोनों देशों को भरोसे में लिए बिना अगर कार्रवाई करता है तो दोनों देश उत्तर कोरिया के साथ भी खड़े हो सकते हैं.

Advertisement

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement