
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में जहरीली गैस लीक के बाद लोग डरे हुए हैं. दोबारा गैस लीक की अफवाहों के कारण कई लोगों ने अपनी रात आरके बीच (समुद्र किनारे) पर गुजारी. सैकड़ों की संख्या में लोग फुटपाथ पर ही सोए नजर आएं. स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है.
ग्रेटर विशाखापट्टनम नगर निगम (जीवीएमसी) के कमिश्नर ने कहा कि कल यानी गुरुवार रात गैस का ताजा रिसाव नहीं हुआ और सोशल मीडिया अफवाह ने शहर के कई हिस्सों में लोगों में दहशत पैदा कर दी. पुलिस ने लोगों को शांत रहने और ऐसे संदेशों पर विश्वास न करने के लिए कहा. सरकार का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है.
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वहीं, गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि एक और रिसाव हुआ था. यह स्पष्ट है कि यह एक मामूली तकनीकी रिसाव था. कंटेनर को नियंत्रण में लाना आवश्यक है. उसे नियंत्रित कर लिया गया है और न्यूट्रलाइजेशन की प्रक्रिया पहले से ही प्रोसेस में है. हालात नियंत्रण में है.
विशाखापट्टनम में फिर गैस लीक, आसपास के गांवों को कराया जा रहा है खाली
गौरतलब है कि एलजी पॉलिमर के प्लांट में शुक्रवार देर रात 11 बजे फिर से गैस लीक की खबर आई थी. इसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने पांच गांवों को खाली करा लिया था. अब एनडीआरएफ के अधिकारियों का कहना है कि प्लांट में गैस रिसाव की नई घटना नहीं हुई है. यह मामूली तकनीकी रिसाव था.
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वहीं, इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है. अभी 352 लोगों का इलाज चल रहा है. प्लांट में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के 70 से अधिक जवान तैनात हैं और गैस को निष्क्रिय करने के साथ ही मामले की जांच की जा रही है.