
उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर पिछले साल बीजेपी सूबे की सत्ता में आई. योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो उनके सामने प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की बड़ी चुनौती थी. सरकार के एक साल का कार्यकाल कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एनकाउंटर का सहारा लेने के नाम रहा. 365 दिन में हर हफ्ते औसतन 25 एनकाउंटर हुए. इसके चलते अपराधियों में खाकी के खौफ दिखा. हालांकि कानून व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव अब भी जमीन पर नहीं दिख रहा है.
'गोली का जवाब गोली से'
सूबे की बदतर कानून-व्यवस्था के लिए पूर्ववर्ती सपा शासन को कोसते रहे योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री का पद संभालते ही इसे अपना 'मुख्य एजेंडा' बनाया. पुलिस विभाग ने अपराधियों के खिलाफ आक्रामक तेवर अख्तियार कर लिए. सीएम योगी ने दो टूक कहा कि पुलिस बदमाशों की गोली का जवाब गोली से ही देगी.
योगी सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक. यूपी पुलिस और अपराधियों के बीच एक साल में 1294 एनकाउंटर हुए, जिनमें 45 अपराधी मारे गए, 330 घायल हुए जबकि 3065 गिरफ्तार किए गए. अपराधियों में यह खौफ तो इस कदर कायम हुआ कि उनमें से कई जमानतें निरस्त कराकर कोर्ट में सरेंडर करने लग गए. अब तक लगभग साढ़े पांच हजार अपराधी कोर्ट में सरेंडर कर चुके हैं.
योगी सरकार संगठित अपराध पर प्रभावी रोकथाम के लिए यूपीकोका विधेयक भी लेकर आई. यह विधेयक विधानसभा से पास होकर विधान परिषद में लंबित है. मौजूदा समय में सूबे में बीजेपी के पास विधान परिषद में बहुमत नहीं है. इसीलिए अभी सरकार उसे पास नहीं कर पाई है. इस विधेयक को लेकर विपक्ष विरोध कर रहा है.
पुलिस ने केवल अपराधियों के खिलाफ ही नहीं बल्कि भू-माफिया के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया. प्रदेश में 1531 भू-माफियाओं को चिह्नित कर उनके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में 2596 मुकदमे दर्ज किए गए. इन मुकदमों में 1922 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई जबकि 460 अदालत में हाजिर हो गए. इसी तरह छह की कुर्की करते हुए 7.45 करोड़ रुपये की अवैध सम्पत्ति जब्त की गई.
महिला सुरक्षा के लिए बने दस्ते
सूबे में महिला सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो दस्ते का सरकार ने गठन किया. लेकिन सरकार ने एंटी रोमियो दस्ते के आंकड़ों का जिक्र नहीं किया है. लेकिन अपनी शुरुआत से ही ये दस्ते विवाद में घिरे रहे और इनपर कई ऐसे युगलों को परेशान करने का आरोप लगा जो अपनी मर्जी से साथ घूम रहे थे. वुमेन पॉवर लाइन 1090 पर 1 लाख 77 हजार 522 शिकायत आईं.