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यहां गृह युद्ध से बिगड़े हालात, 50 बच्चों की मौत, नवजात भी शामिल!

यहां कम से कम 50 बच्चों की मौत हो गई है. इनमें अधिकतर नवजात और एक साल से कम उम्र वाले बच्चे हैं. वजह ऐसी है कि इंसानियत पर ही शर्म आ जाए.

युद्ध के चलते दर्जनों बच्चों की मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर- Pexels) युद्ध के चलते दर्जनों बच्चों की मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर- Pexels)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2023,
  • अपडेटेड 4:21 PM IST

इंसान जब कोई गलती करता है, तो उसकी सजा उन्हें भी मिलती है, जिनका इस गलती से कोई लेना देना नहीं होता. कुछ ऐसा ही इस वक्त अफ्रीकी देश सूडान में देखने को मिल रहा है. यहां कम से कम 50 बच्चों की मौत हो गई है, जिनमें दो दर्जन नवजात बच्चे भी शामिल हैं. इनकी मौत अनाथालय में हुई. इसका कारण देश में जारी गृह युद्ध है. 

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रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, देश में जारी लड़ाई सेना और अर्धसैनिक बल के बीच हो रही है. मौत के पीछे का कारण कुपोषण, डिहाइड्रेशन और इन्फेक्शन बताया जा रहा है. देश के भीतर जारी युद्ध में कुल 800 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. और 13 लाख लोगों को या तो देश के भीतर ही विस्थापित होना पड़ा है, या पड़ोसी देशों में जाना पड़ा है.

सीजफायर का हो रहा उल्लंघन

सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच युद्ध शुरू होने के बाद सीजफायर हुआ था, लेकिन इसका तमाम बार उल्लंघन हुआ. राजधानी खारतूम पर रॉकेट बरसते रहे. रिपोर्ट में बताया गया है कि इमारतों पर रॉकेट गिरने से जोरदार आवाजें आ रही हैं. जिससे अनाथालय में रहने वाले बच्चे डर रहे हैं. वो लगातार रो रहे थे. स्टाफ की कमी के चलते उनकी मदद करना भी मुश्किल हो गया है. 

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सरकारी अनाथालय में बच्चे लगातार दम तोड़ रहे हैं. यहां उनकी देखभाल करने वाले लोगों की काफी कमी है. कई की मौत बुखार आने के बाद हुई है. डॉक्टर का कहना है कि नवजात बच्चों को हर तीन घंटे में खाना देने की जरूरत है. लेकिन कोई उनके पास नहीं है.

रोज दो, तीन, चार या इससे भी ज्यादा बच्चे दम तोड़ रहे हैं. अप्रैल में शुरू हुई लड़ाई के बाद से अभी तक करीब 50 बच्चों की मौत हो गई है. कम से कम 13 बच्चों की मौत शुक्रवार को हुई है. इनमें सबसे अधिक नवजात और एक साल से कम उम्र वाले बच्चे शामिल हैं.  

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