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बलूचिस्तान में मनाया गया नवाब अकबर बुगती का शहादत दिवस

बलूच रिपब्लिकन पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा शुक्रवार को शहीद नवाब अकबर बुगती के दसवें शहादत की सालगिरह को डेरा बूगती शहर के अलावा पुरे बलूचिस्तान, करांची , जर्मनी के साथ साथ विश्व के अनेको देशो में मनाया गया.

बच्चों ने भी दी श्रद्धांजलि बच्चों ने भी दी श्रद्धांजलि
प्रियंका झा/अनिल कुमार
  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 3:44 AM IST

बलूच रिपब्लिकन पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा शुक्रवार को शहीद नवाब अकबर बुगती के दसवें शहादत की सालगिरह को डेरा बूगती शहर के अलावा पुरे बलूचिस्तान, करांची , जर्मनी के साथ साथ विश्व के अनेको देशो में मनाया गया. इस अवसर पर बलूच कार्यकर्ताओं और छोटे-छोटे बच्चों ने भी दुआ मांग कर कैंडल जला कर नवाब अकबर बुगती को श्रद्धांजलि दी.

गौरतलब है की नवाब अकबर खान बुगती (12 जुलाई 1927–26 अगस्त 2006) बलूचिस्तान के एक राष्ट्रवादी और सबसे बड़े नेता थे जो बलूचिस्तान को पाकिस्तान से आजाद कराने और एक अलग देश बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. 26 अगस्त 2006 को बलूचिस्तान के कोहलू और डेरा बुगती जिले में एक सैन्य कार्रवाई में अकबर बुगती और उनके 37 सहयोगियों की गुफा के अंदर उनके ठिकाने को विस्फोटक से उड़ा हत्या कर दी गई थी. इस अभियान का आदेश जनरल परवेज मुशर्रफ ने दिया था जो उस समय पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख और राष्ट्रपति दोनों थे. उनकी हत्या के बाद पूरे बलूचिस्तान में भारी विरोध हुआ था. बलूचिस्तान के अनेक बड़े शहर पूर्ण बंद रहे. सरकारी दफ्तरों में भी कर्मचारियों की संख्या न के बराबर थी.

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अभी तक चल रही सुनवाई
अगबर बुगती की मौत का केस अब तक बलूचिस्तान के उच्च न्यायलय में लंबित है. अकबर बुगती जुल्फिकार अली भुट्टो के शासन काल सन 1973 -1974 तक बलूचिस्तान प्रान्त के गवर्नर रह चुके हैं. बाद में वह सन 1980 -1990 के दौरान बलूचिस्तान प्रान्त के मुख्य मुख्यमंत्री भी रहे. 'आज तक' से बात करते हुए बलूच रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष और नवाब अकबर बुगती के पोते ब्रह्मदाग बुगती ने जिनेवा से फोन पर नवाब अकबर बुगती के दसवें शहादत पर कहा 'देखिये हम आज सभी बलूच नवाब अकबर बुगती का शहादत मना रहे हैं, लेकिन मुझे कोई गम नहीं है ,बल्कि मुझे खुशी है की आज के दिन 10 साल पहले मेरे दादा जी की शहादत हुई लेकिन वह हर बलूच के घर में पैदा हुए, और हर बलूच के दिल हैं.'

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बंद रहा बलूचिस्तान
बलूच रिपब्लिकन पार्टी के जिनेवा में मानवाधिकार परिषद के प्रतिनिधि अब्दुल नवाज बुगती ने ज्यूरिख (स्विट्ज़रलैंड) से 'आज तक' को वीडियो भेजकर बताया की 'नवाब अकबर बुगती के 10वीं बरसीं पर बलूच रिपब्लिकन पार्टी के तरफ से पूरे बलूचिस्तान में बाजार और चक्का जाम था. जिसके कारण पूरा बलूचिस्तान बंद रहा, बाद में पाकिस्तानी पुलिस के द्वारा जबरदस्ती दुकाने खुलवाई गई'.

'बलूचिस्तान पर भारत गंभीर'
इधर दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा कि मोदी के लाल किले से बलूचिस्तान के ऊपर दिए गए बयान के बाद बलूचिस्तान में हत्याएं और हमले हमले बढ़ गए हैं, इसको लेकर भारत बेहद चिंतित है. बलूचिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन लगातार जोर पकड़ता जा रहा है. एक ऐसे ही ताजा मामले में बलूच प्रदर्शनकारियों ने भारतीय झंडा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें लहराईं थी.

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