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मालदीव ने नाकाम की पाकिस्तान की चाल, इस्लामोफोबिया के आरोप पर दिया भारत का साथ

पाकिस्तान के आरोपों का मालदीव ने दो टूक जवाब दिया. मालदीव ने कहा कि सोशल मीडिया पर चंद लोग जो हरकतें या बयानबाजी करते हैं, उसे 130 करोड़ भारतीयों की राय नहीं समझा जा सकता.

मालदीव के राष्ट्रपति सोलिह और पीएम मोदी (फाइल फोटो) मालदीव के राष्ट्रपति सोलिह और पीएम मोदी (फाइल फोटो)
गीता मोहन
  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2020,
  • अपडेटेड 8:30 AM IST

  • पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिर हुई बेइज्जती
  • मालदीव ने इस्लामोफोबिया के मुद्दे पर दिया दो टूक जवाब

पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर बेइज्जती हुई है. संयुक्त राष्ट्र में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) की वर्चुअल मीटिंग हुई. पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत में इस्लामोफोबिया फैलाया जा रहा है. पाकिस्तान के आरोपों का मालदीव ने दो टूक जवाब दिया. मालदीव ने कहा कि सोशल मीडिया पर चंद लोग जो हरकतें या बयानबाजी करते हैं, उसे 130 करोड़ भारतीयों की राय नहीं समझा जा सकता. मालदीव ने साथ में ये भी कहा कि इस्लामोफोबिया को लेकर ओआईसी को दक्षिण एशिया के किसी एक देश पर निशाना नहीं साधना चाहिए.

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बता दें कि ओआईसी के राजदूतों की आयोजित बैठक में दक्षिण एशिया में इस्लामोफोबिया बढ़ने के मुद्दे पर चर्चा की गई थी. बैठक के दौरान पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम ने प्रस्ताव रखा कि भारत सक्रिय रूप से इस्लामोफोबिया के एजेंडा को बढ़ावा दे रहा है.

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OIC ने क्या कहा था

इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के मानवाधिकार आयोग ने भी भारत पर कोरोना वायरस के जरिए मुस्लिमों की छवि खराब कर इस्लामोफोबिया फैलाने का आरोप लगाया और इसकी निंदा की थी. ओआईसी ने कहा कि भारत सरकार इस्लामोफोबिया की लहर को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए और मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा करे.

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मालदीव ने क्या कहा

यूएन में मालदीव की स्थायी प्रतिनिधी थिलमीजा हुसैन ने कहा कि कुछ भटके हुए लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाई गई बातें भारत के 130 करोड़ लोगों की राय नहीं हो सकती. भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. वहां कई धर्मों के लोगों के अलावा 20 करोड़ मुस्लिम भी रहते हैं. ऐसे में इस्लामोफोबिया की बात करना ही बेकार है, क्योंकि, इसमें कोई तथ्य नहीं है.

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