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चीन PAK को वो नहीं दे सकता है, जो हम देते हैं: अमेरिका

अमेरिका विदेश विभाग के एक अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि मेरा मानना है कि वे (पाकिस्तान) दोनों देशों के साथ मजबूत संबंध बनाना चाहते हैं.  लेकिन यह जरुरी नहीं कि जो अमेरिका से मिलेगा वहीं उन्हें चीन से मिलेगा.

अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प
कुबूल अहमद
  • वाशिंगटन,
  • 05 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 11:57 AM IST

पाकिस्तान को सुरक्षा सहायता रोकने से चीन से उसकी नजदीकियां बढ़ जाएगी, जैसे कयासों को कोई तवज्जो नहीं देते हुए अमेरिका ने कहा है कि दोनों देशों के साथ पाकिस्तान के संबंध भिन्न हैं. अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान को चीन वो नहीं दे सकता है, जो हम दे सकते हैं. इसीलिए दोनों देशों से संबंध अलग तरह के हैं.

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अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा, 'मेरा मानना है कि वे (पाकिस्तान) दोनों देशों के साथ मजबूत संबंध बनाना चाहते हैं. लेकिन यह जरुरी नहीं कि जो अमेरिका से मिलेगा, वहीं उन्हें चीन से मिलेगा.'

अधिकारी ने कहा, 'हमारे पास यह क्षमता नहीं है कि हम बैंकों और कंपनियों को पाकिस्तान में 55 अरब डॉलर निवेश करने के निर्देश दें, लेकिन साथ ही चीन के पास भी यह क्षमता नहीं है कि वह दुनिया को सर्वोच्च गुणवत्ता के सैन्य उपकरण मुहैया कराए. अधिकारी इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि अमेरिका के हालिया कदम से पाकिस्तान की नजदीकियां चीन के साथ बढ़ेगी.

उन्होंने कहा कि हमें पाकिस्तान और चीन के रिश्ते से कोई दिक्कत नहीं है. चीन ने काफी निवेश किया हुआ है और उसकी आगे और निवेश करने की योजना है. पाकिस्तान को आर्थिक विकास और आर्थिक वृद्धि की जरुरत है. अगर चीन सक्षम है तो वह पाकिस्तान की स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक संपन्नता में योगदान देगा. यह ठीक और अच्छी बात है.

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उन्होंने पाकिस्तान और चीन के लंबे और बेहद मजबूत संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि ये संबंध अमेरिका पाक संबंध की कीमत पर नहीं बने हैं. विदेश विभाग के अधिकारी ने कहा कि मुझे लगता है कि पाकिस्तान स्पष्ट रूप से हमारे संबंध समझता है और हम अंतरराष्ट्रीय तौर पर क्या सामने रख रहे हैं, वह चीन से अलग है. वे चीन और अमेरिका के बीच किसी एक को चुनना नहीं चाहेंगे.

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