कल 1 अप्रैल 2024 से नया फाइनेंशियल ईयर (New Financial Year) शुरू होने जा रहा है और इसके साथ ही कई जरूरी कामों की डेडलाइन भी खत्म हो जाएगा. इसमें एक जरूरी काम है अडडेटेड आईटीआर (Updated ITR) फाइल करना, जिनके लिए टैक्सपेयर्स के पास सिर्फ आजभर का ही मौका है. इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) की ओर से टैक्सपेयर्स को सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) के जरिए अलर्ट किया गया है. विभाग की ओर से साफ कहा गया है कि, 'देर ना करें, आज ही फाइल करें.'
आयकर विभाग ने किया अलर्ट
आयकर विभाग (Income Tax) विभाग की ओर से वित्त वर्ष 2023-24 के आखिरी दिन यानी आज 31 मार्च को एक पोस्ट के जरिए अलर्ट जारी किया है. इसमें विभाग ने अपडेटेड आईटीआर (Updated ITR) फाइल करने का मौका ना गंवाने के लिए टैक्सपेयर्स को सलाह दी गई है. इनकम टैक्स विभाग द्वारा शेयर पोस्ट में कहा गया है, 'सभी टैक्सपेयर ध्यान दें! असेसमेंट ईयर 2021-22 के लिए अपडेटेड आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2024 है. इस मौके को मिस ना करें.'
Kind Attention Taxpayers!
— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) March 31, 2024
Do check your AIS for information available and promptly update your return, if needed.
The deadline to file your Updated ITR for AY 2021-2022 is today, March 31, 2024.
Don’t miss this last chance! pic.twitter.com/ywibQZtaAg
अपडेटेड रिटर्न (Updated ITR) भरने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2024 है. इसका इस्तेमाल करके करदाता रेलेवेंट असेसमेंट ईयर से 2 साल तक का रिटर्न रिवाइज कर सकते हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो 31 मार्च की डेडलाइन वित्त वर्ष 2020-21 या आकलन वर्ष 2021-22 के लिए अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की है.
ऐसे टैक्सपेयर्स फटाफट करें ये काम
केंद्र सरकार ने साल 2022 के बजट के दौरान अपडेटेड आईटीआर भरने की सुविधा 1 अप्रैल 2022 से शुरू की थी है. इसके तहत टैक्सपेयर्स को ऑप्शन दिया जाता है कि वो तय डेडलाइन के भीतर अपना अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सकें. इसके तहत ऐसे टैक्सपेयर्स को सहूलियत मिलती है, जिनसे पुराने आईटीआर में कोई जानकारी छूट गई हो या इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार रिटर्न फाइल करना जरूरी होने के बाद भी फाइल नहीं कर पाए हों.
फाइल ना करने पर इतना जुर्माना
हालांकि, अपडेटेड आईटीआर फाइन करने के लिए भी टैक्सपेयर्स (Taxpayers) को जुर्माना देना पड़ता है. संबंधित असेसमेंट ईयर के समाप्त होने के 12 महीने के भीतर Updates Return फाइल करने पर देनदारी और ब्याज के 25 फीसदी के बराबर अतिरिक्त टैक्स देना पड़ता है. वहीं 12 महीने के बाद और 2 साल से पहले अपडेटेड रिटर्न भरने पर 50 फीसदी अतिरिक्त टैक्स देना होता है. लेकिन, इस आखिरी मौके से चूकने पर जुर्माने की रकम बढ़ सकती है. क्योंकि इसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की पकड़ में आने पर पेयेबल टैक्स के 200 फीसदी तक जुर्माना भरना पड़ सकता है.
Updated ITR इस तरह भरें
इनकम टैक्स फाइलिंग पोर्टल पर ITR-U फॉर्म का चयन करना होगा. रिफंड क्लेम करने वाले टैक्सपेयर्स को उसकी पूरी डीटेल देनी होगी, एडिशनल इनकम अपडेट करनी होगी और फिर फॉर्म भरने के बाद रिटर्न वेरिफाई करना होगा.
यहां पर ध्यान रहे कि आपने ओरिजिनल, बिलेटेड या रिवाइज्ड आईटीआर फाइल किया है या पिछले किसी भी असेसमेंट ईयर के लिए आपने रिटर्न फाइल नहीं किया है, तो आप अपडेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं. वहीं कुछ मामलों में आप अपडेटेड रिटर्न फाइन नहीं कर सकते हैं. अगर अपडेटेड रिटर्न फाइल करने में आपकी टैक्स लायबिलिटी ओरिजिनल रिटर्न के मुकाबले कम आ रही है, तो आप इसे फाइल नहीं कर पाएंगे. वहीं अगर अपडेटेड रिटर्न में ओरिजिनल रिटर्न के मुकाबले रिफंड ज्यादा बन रहा है, तो भी आप अपडेटेड नहीं भर पाएंगे.