गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में हमला करने वाले मुर्तजा अब्बास के खिलाफ NIA कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया है. अदालत ने मुर्तजा को फांसी की सजा सुनाई है. सजा का ऐलान होने के बाद एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा, लगातार 60 दिन के रिकॉर्ड तक सुनवाई के बाद आज सजा का ऐलान हुआ है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला…
3 अप्रैल 2022 को किया था पीएसी जवान पर हमला
मुर्तजा ने 3 अप्रैल 2022 को गोरखनाथ मंदिर में तैनात पीएसी के दो जवानों पर बांके से हमला कर दिया था. पीएसी के जवानों से मुर्तजा ने असलहा छीनने की भी कोशिश की थी. इसके बाद मंदिर परिसर में हडकंप मच गया था.
मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने मुर्तजा को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था. उस समय उसके पास लैपटाप, पैनकार्ड, और एयरलाइंस का टिकट बरामद हुआ था. बाद की जांच में पता चला कि वह 2 अप्रैल को बॉर्डर पार करके नेपाल के एक मदरसे में गया था. कुछ देर बाद वहां से लौटते हुए अलीगढ़वा की दुकान से दो बांके खरीदे.
तीन अप्रैल, 2022 की शाम को लौटते समय मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार से पहले गाड़ी से उतरा. इसके बाद सुरक्षा में तैनात पीएसी की 20वीं बटालियन के सिपाहियों पर इसी से हमला कर उनकी राइफल छीनने की कोशिश की.
घर पर करता था एयर रायफल से प्रैक्टिस
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि मुर्तजा इंटरनेट पर AK 47 Rifle, M4 Carbine, Missile Technology आदि के आर्टिकल पढ़ता और वीडियो देखता था. घर पर वह एयर राइफल से प्रैक्टिस भी करता था. मुर्तजा ने ISIS की आतंकी शैली लोन वोल्फ अटैक की तरह ही गोरक्षनाथ मंदिर के दक्षिणी गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया था.
ISIS के आतंकी के संपर्क में था मुर्तजा
पुलिस के मुताबिक मुर्तजा की निशानदेही पर अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के डाटा का विश्लेषण किया गया. उसके बताए Gmail, Twitter, Facebook की जांच की गई. जांच से पता चला है कि मुर्तजा सोशल मीडिया के जरिए ISIS के लड़ाकों और ISIS समर्थकों के संपर्क में था. मुर्तजा ISIS प्रोपेगेंडा एक्टिविस्ट मेहंदी मसूद के भी संपर्क में था, जिसे 2014 में बंगलुरू पुलिस ने गिरफ्तार किया था. साथ ही उसके कई बैंक खातों और ई-वॉलेट के वित्तीय लेन-देन की भी जांच की गई.
आईएसआईएस संगठन की शपथ ली थी
मुर्तजा ने अपने अलग-अलग बैंक खातों से करीब साढ़े आठ लाख रुपये यूरोप, अमेरिका के देशों में ISIS संगठन के समर्थकों के माध्यम से आतंकी गतिविधियों के सहयोग के लिए भेजे थे. उसने साल 2013 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आतंकवादी प्रोपेगेंडा एक्टिविस्ट्स के सामने अंसार उल तौहिद (आतंकवादी संगठन) की बैयत यानी शपथ ली थी. यह संगठन साल 2014 में ISIS में मिल गया था. मुर्तुजा ने साल 2020 में ISIS संगठन की फिर से बैयत ली थी.
आईआईटी मुंबई से 2015 में की थी केमिकल इंजीनियरिंग
अहमद मुर्तजा अब्बास मूल रुप से गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र के सिविल लाइन्स पार्क रोड स्थित सिटी माल के सामने वाली गली में अब्बासी नर्सिंग होम के पास का रहने वाला है. उसने आईआईटी मुंबई से 2015 में कैमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया था.