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गैंगवार, प्यार और धोखा... हैरान कर देगी दिव्या पाहुजा के पूर्व प्रेमी संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर की ये पूरी कहानी

दिव्या पाहुजा तब महज 18 साल की थी, जब उसकी दोस्ती गैंगस्टर संदीप उर्फ अमित के साथ हो गई थी. संदीप असल में गाड़ौली खुद गांव का रहने वाला था. इसलिए जुर्म की दुनिया में उसकी पहचान संदीप गाड़ौली के तौर पर होती थी. दिव्या और संदीप की दोस्ती अगले मुकाम तक जा पहुंची थी.

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संदीप गाडौली के एनकाउंटर के दौरान दिव्या भी उसके साथ थी
संदीप गाडौली के एनकाउंटर के दौरान दिव्या भी उसके साथ थी

Gangster Sandeep Gadauli  Encounter: महज 27 साल की उम्र में खूबसूरत मॉडल दिव्या पाहुजा की इस दुनिया से विदाई हो गई. नए साल के दूसरे दिन ही उसका कत्ल कर दिया गया. दिव्या की दिलकश तस्वीरों पर लोग फिदा हो जाया करते थे. उसके अंदाज और दिलकश अदाओं पर लोग मर मिटते थे. लेकिन अब वो इस दुनिया में नहीं है. उसकी मौत एक पहेली की तरह उलझती जा रही है. दिव्या पाहुजा और अपराध का नाता भी पुराना था. उसने जवानी की दहलीज पर कदम रखते ही जिस लड़के का हाथ थामा था, वो कोई आम लड़का नहीं था, बल्कि एक कुख्यात गैंगस्टर था.

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दिव्या पाहुजा तब महज 18 साल की थी, जब उसकी दोस्ती गैंगस्टर संदीप उर्फ अमित के साथ हो गई थी. संदीप असल में गाड़ौली खुद गांव का रहने वाला था. इसलिए जुर्म की दुनिया में उसकी पहचान संदीप गाड़ौली के तौर पर होती थी. दिव्या और संदीप की दोस्ती अगले मुकाम तक जा पहुंची थी. अब दिव्या उसकी गर्लफ्रेंड बन गई थी. एक दिन लेकिन दिव्या की आंखों के सामने ही उसके गैंगस्टर ब्वॉयफ्रेंड का एनकाउंटर हो गया. वो एनकाउंटर हरियाणा पुलिस ने मुंबई में किया था. मगर मुंबई पुलिस ने इसे कत्ल करार दिया था. आइए आपको बताते हैं कुख्यात गैंगस्टर संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर की पूरी कहानी.

जानी दुश्मन थे संदीप गाड़ौली और बिंदर गुज्जर
बात आज से 10 साल पहले की है. उन दिनों हरियाणा में और खास कर गुरुग्राम में गैंगस्टर संदीप गाड़ौली का एकछत्र राज चलता था. रंगदारी वसूली, सट्टेबाजी, रॉबरी से लेकर नाजायज कब्जे, शायद ही कोई ऐसा जुर्म था, जिसमें संदीप का नाम ना आता हो. मगर जुर्म के इस खेल में संदीप अकेला नहीं था, बल्कि उसके होते हुए एक और गैंगस्टर बिंदर गुज्जर भी गुरुग्राम में पैर जमाने की कोशिश कर रहा था. और दोनों अक्सर एक दूसरे से टकाराया करते थे. 

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गड़ौली के लड़कों ने किया था अशोक गुज्जर का मर्डर
इसी टशनबाज़ी में एक रोज़ गड़ौली के लड़कों ने बिंदर गुज्जर के एक खासमखास अशोक गुज्जर का काम तमाम कर दिया. बस, फिर क्या था? बिंदर अब गाड़ौली के खून का प्यासा बन गया. वो हर हाल में उसे अपने रास्ते से हटाना चाहता था. लेकिन वो जानता था कि संदीप से अकेले भिड़ना मुश्किल है. और ऐसे में उसने पुलिस के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया.

पहले संदीप के गुर्गे की गर्लफ्रेंड थी दिव्या
बिंदर ने अपने सूत्रों के ज़रिए गुरुग्राम क्राइम ब्रांच के कुछ पुलिसवालों से बात की और उन्हें गाड़ौली के बारे में पिन प्वाइंट जानकारी देने का वादा किया. पुलिस को और क्या चाहिए था? वो तो खुद ही संदीप की तलाश में पिछले कई महीनों से दिन रात एक किए हुए थी. और बस यही वो पल था, जब कहानी में दिव्या पाहुजा की एंट्री हुई. असल में 18 साल की दिव्या उन दिनों गुरुग्राम के रहने वाले मनीष खुराना को डेट कर रही थी. 

दिव्या पर फिदा था संदीप
मनीष, गाड़ौली का ही गुर्गा था. अभी दिव्या और मनीष का रिश्ता किसी मुकाम तक पहुंचता, उससे पहले ही मनीष की बर्थ डे पार्टी में गैंगस्टर संदीप गाड़ौली की नजर बला की खूबसूरत दिव्या पाहुजा पर पड़ी. और गैंगस्टर संदीप गड़ौली इस अपकमिंग मॉडल पर लट्टू हो गया. अब दिव्या जैसा कहती, गाड़ौली वैसा ही करता था.

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गाड़ौली के दुश्मन बिंदर गुज्जर ने रची थी साजिश
मुंबई पुलिस की मानें तो गाड़ौली के दुश्मन बिंदर गुज्जर ने अब एक ऐसा जाल बुना कि उसमें संदीप गाड़ौली बुरी तरह उलझ कर रह गया. आप सबसे पहले इस जाल को समझिए फिर आगे की कहानी बताते हैं. असल में गैंगस्टर बिंदर गुर्जर का एक खास आदमी है मनोज गुर्जर. मनोज गुर्जर पर भी जुर्म के कई मामले हैं. लेकिन ये मनोज गुर्जर दिव्या पाहुजा की मां सोनिया पाहुजा को भी जानता है और गुरुग्राम क्राइम ब्रांच के कुछ पुलिसवालों से भी उसका वास्ता था. तो लब्बोलुआब ये है कि ये घुमा-फिरा कर दो दुश्मनों बिंदर गुर्जर और संदीप गाड़ौली के बीच की सबसे अहम कड़ी है.

पुणे और मुंबई में था संदीप का ठिकाना
अब आपको आगे की कहानी बताते हैं. उन दिनों गुरुग्राम में जुर्म की वारदातों को अंजाम देने के बाद संदीप गाड़ौली अक्सर पुणे और मुंबई को अपना ठिकाना बनाता था. वो कुछ दिनों तक वहां रुकता और गुरुग्राम में जब सबकुछ शांत हो जाता, तो वो फिर से वापस लौट आता था.

5 फरवरी 2016
हरियाणा पुलिस को खबर मिलती है कि गैंगस्टर संदीप गाड़ौली फिर गुरुग्राम से निकला है और इस बार उसकी गर्लफ्रेंड दिव्या भी उसके साथ है. पुलिस गाड़ौली का पीछा शुरू करती है. पुलिस को पता चलता है कि गाड़ौली राजस्थान के भिवाडी की तरफ गया है. अब पुलिस की एक टीम भिवाडी पहुंचती है. लेकिन जब तक टीम भिवाड़ी पहुंचती, गाड़ौली भिवाडी से निकल जाता है. अब पुलिस को पता चलता है कि गाड़ौली जयपुर की तरफ निकल गया है. पुलिस अब जयपुर की तरफ भागती है. लेकिन तब तक गाड़ौली जयपुर से आगे अजमेर निकल जाता है. 

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मुंबई, 6 फरवरी 2016
और आखिरकार अगले दिन यानी 6 फरवरी को पुलिस को खबर मिलती है कि गाड़ौली राजस्थान से होता हुआ मुंबई पहुंच चुका है. और तो और हरियाणा पुलिस को ये भी पता चल जाता है कि वो मुंबई के किस होटल में, कौन से कमरे में ठहरा है? यानी होटल एयरपोर्ट मेट्रो का कमरा नंबर 107.

ऐसे मिल रही थी पुलिस को हर खबर
आप सोच रहें होंगे कि आखिर उन दिनों हरियाणा पुलिस को गाड़ौली के हर मूवमेंट की इतनी सटीक जानकारी कैसे मिल रही थी? यहां तक कि उसका पिन प्वाइंट लोकेशन भी पुलिस को कैसे पता चल रही थी? तो इसका जवाब है कि गाड़ौली के दुश्मन नंबर वन गैंगस्टर बिंदर गुर्जर ने हरियाणा पुलिस से यही तो वादा किया था. और मुंबई पुलिस की मानें तो गैंगस्टर गाड़ौली और उसकी लोकेशन के बारे में हर छोटी बड़ी जानकारी कोई और नहीं बल्कि खुद उसकी गर्लफ्रेंड दिव्या पाहुजा पुलिस को दे रही थी. 

कोड वर्ड में मां से बात कर रही थी दिव्या
मुंबई पुलिस के मुताबिक, दिव्या मोबाइल फोन पर अपनी मां सोनिया पाहुजा से बात कर रही थी. बातचीत कोड लैंग्वेज में हो रही थी, ताकि गैंगस्टर गाड़ौली को पता ना चले. मसलन, 'मम्मी मेरी तबीयत ठीक नहीं है, मैं डॉक्टर के पास जा रही हूं.' इसका मतलब था कि दिव्या उस समय अकेली है और संदीप उसके साथ नहीं है. ठीक इसी तरह 'मम्मी दवाई लेके आई हूं... मैं खा लूंगी.' मतलब संदीप उसके साथ है. मां सोनिया पाहुजा ये सारी बातें बिंदर गुर्जर के खास आदमी मनोज गुर्जर को बता रही थी और मनोज गुर्जर यही बातें आगे हरियाणा यानी गुरुग्राम पुलिस को बता रहा था. इस तरह गुरुग्राम पुलिस को गाड़ौली के हर मूवमेंट, हर चाल की पल-पल की खबर मिल रही थी.

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खबर देने के बदले में घर का वादा
और बस, इसी तरह हरियाणा पुलिस संदीप गाड़ौली का पीछा करती हुई मुंबई पहुंची और उसने सोची समझी साजिश के तहत संदीप गाड़ौली को मुंबई के उसी एयरपोर्ट मेट्रो होटल में ढेर कर दिया, जहां वो अपनी गर्लफ्रेंड दिव्या पाहुजा के साथ रुका था. मुंबई पुलिस ने संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर के उस मामले को लेकर अपनी चार्जशीट में यही लिखा है. इस चार्जशीट के मुताबिक क़त्ल के इस मामले में हरियाणा पुलिस की टीम के साथ-साथ दिव्या पाहुजा और उसकी मां सोनिया पाहुजा भी शामिल थी, जिन्हें गैंगस्टर बिंदर गुर्जर के आदमी मनोज गुर्जर ने ना सिर्फ इस साजिश में शामिल कर लिया था, बल्कि ये काम करा देने पर उन्हें घर दिलाने का भी वादा किया था.

शक के घेरे में था संदीप गाड़ौली का एनकाउंटर
जाहिर है, संदीप गाड़ौली का एनकाउंटर शुरू से ही शक के घेरे में आ चुका था. और मुंबई पुलिस, गुरुग्राम पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी थी. ये मामला अब भी मुंबई की अदालत में चल रहा है. लेकिन इसी बीच 8 महीने पहले दिव्या पाहुजा को मुंबई हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी. लेकिन इससे पहले कि वो जिंदगी में आगे बढ़ पाती, कोई नई शुरुआत करती. नए साल में 2 जनवरी के दिन गुरुग्राम में उसका कत्ल हो गया.

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