scorecardresearch
 

India की Super Killer मिसाइल RudraM-2 का नया Video आया सामने, दुश्मन का कोई राडार नहीं रोक पाएगा 'हाइपरसोनिक' मौत

देश की सबसे ताकतवर सुपर किलर मिसाइल रुद्रम-2 की टेस्टिंग का एक वीडियो सामने आया है. यह एक हवा से सतह पर मार करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल है. जिसका परीक्षण 300 किलोमीटर की रेंज के लिए सफलतापूर्वक किया गया. इस मिसाइल की तुलना रूस की Kh-31PD मिसाइल से की जा रही है.

Advertisement
X
भारतीय वायुसेना के सुखोई सू-30एमकेआई फाइटर जेट से दागी जाती रुद्रम-2 मिसाइल. (फोटोः DRDO)
भारतीय वायुसेना के सुखोई सू-30एमकेआई फाइटर जेट से दागी जाती रुद्रम-2 मिसाइल. (फोटोः DRDO)

6791.4 km/hr की स्पीड से दुश्मन पर हमला करेगी भारत की नई सुपर किलर मिसाइल. नाम है रुद्रम-2 (RudraM-2). यह हवा से सतह पर मार करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल (Air-To-Surface Hypersonic Missile) है. हाल ही में इसकी टेस्टिंग का एक वीडियो सामने आया. जो आप यहां नीचे देख सकते हैं. 

Advertisement

वीडियो में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के सुखोई सू-30एमकेआई फाइटर जेट से दागा जाता है. इसके बाद मिसाइल हाइपरसोनिक गति से उड़ते हुए टारगेट को कुछ ही सेकेंड में ध्वस्त कर देता है. इतना भयानक धमाका होता है कि टारगेट पूरी तरह से नष्ट हो जाता है. यह एक एंटी-रेडिएशन मिसाइल है. 

ये भी पढ़ेंः भारतीय वायुसेना पर साइबर हमले की कोशिश

यानी ऐसी सैटेलाइट जिसे दुश्मन का कोई राडार सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम, रेडियो फ्रिक्वेंसी यंत्र, या किसी भी तरह का संचार सिस्टम इसे पकड़ नहीं सकता. इस मिसाइल की तुलना रूस की खतरनाक मिसाइल Kh-31PD से की जा रही है. रूस ने यूक्रेन पर हमला करने के लिए इस मिसाइल का बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया था. 

RudraM-2 Hypersonic Missile

18 फीट लंबी मिसाइल में 155 kg का हथियार

RudraM-2 मिसाइल को DRDO ने डिजाइन किया है. इसे बानाया है भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मिलकर. इसकी लंबाई 18 फीट होती है. यह करीब 155 किलोग्राम वजन का हथियार लेकर उड़ान भर सकता है. इसमें प्री-फ्रैगमेंटेड वॉरहेड लगाया जाता है. 

Advertisement

300 km रेंज, सटीकता 5 मीटर, हमला घातक

रुद्रम-2 की रेंज 300 किलोमीटर है. यह अधिकतम 3 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकती है. सबसे खतरनाक तो इसकी गति है. यह ध्वनि की गति से पांच गुना ज्यादा स्पीड से उड़ान भरती है. इसमें आईएनएस और सैटनैव गाइडेंस सिस्टम लगा है. साथ में पैसिव राडार होमिंग सिस्टम है. इसकी सटीकता 5 मीटर है. यानी टारगेट से पांच मीटर दूर भी गिरती है, तो भी वह पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगा. 

ये भी पढ़ेंः Indian Navy ने 11 ईरानी, आठ पाकिस्तानी बंधकों को समुद्री लुटेरों से बचाया

RudraM-2 Hypersonic Missile

इन फाइटर जेट्स में तैनात, इनकी तैयारी है

भारतीय वायुसेना का प्लान है कि इसे तेजस फाइटर जेट, एएमसीए और टेडबीएफ फाइटर जेट में लगाया जाएगा. फिलहाल यह मिग-29, मिराज, जगुआर और सुखोई विमानों में तैनात होने लायक बनाई गई है. इस मिसाइल के मुख्य मकसद ही दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को बर्बाद कर देना. यह बेहद आराम से दुश्मन के बंकर, एयरबेस, हथियार डिपो, एयरक्राफ्ट हैंगर जैसे टारगेट को आसानी से बर्बाद कर सकती है. 

Live TV

Advertisement
Advertisement