भारत अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और देश की आजादी के दिन का जश्न दुनिया भर में मनाया जा रहा है. आम जनता हो या सेलेब्रिटीज, ये ऐसा दिन है जो हर भारतीय को गर्व से भर देता है. 15 अगस्त का ये दिन जितना भारतीयता को सेलिब्रेट करने का है, उतना ही देश को और उंचाइयों पर ले जाने के सपने देखने का भी.
स्वतंत्रता दिवस सेलिब्रेट कर रहे एक्टर दिव्येंदु शर्मा ने अब बताया है कि उनके हिसाब से आजादी का क्या मतलब है और एक समाज के तौर पर हमारा देश कैसे और ज्यादा ऊपर जा सकता है.
दिव्येंदु के दिल के करीब है ऐसी आजादी
'प्यार का पंचनामा' और 'मिर्जापुर' फेम एक्टर दिव्येंदु शर्मा ने फिल्मफेयर को बताया कि वो स्वतंत्रता दिवस को लेकर क्या सोचते हैं और मॉडर्न दुनिया में आजाद होने का क्या मतलब है. दिव्येंदु ने कहा की 'फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन' इस समय दुनिया की सबसे बड़ी जरूरत है.
उन्होंने कहा, 'मैं पॉलिटिकल साइंस का स्टूडेंट रहा हूं, तो ये (विचार) मेरे दिल के बहुत करीब है. मैंने एरिस्टोटल, मैकियावेली और कई महान विचारकों को पढ़ा है. मुझे सीरियसली लगता है कि आपका फ्रीडम ऑफ स्पीच बहुत महत्वपूर्ण है. आप कोई भी हों, कुछ भी हों, आपको बिना किसी आलोचना के अपनी राय जताने की आजादी होनी चाहिए.'
ऐसे आगे बढ़ेगा समाज
अपनी बात आगे बढ़ाते हुए 'मिर्जापुर' एक्टर ने कहा, 'आजादी का मतलब एक ऐसे समाज में होना है जहां हम सब एक दूसरे के नजरिए का सम्मान करते हों. मुझे लगता है कि एक समाज के तौर पर हम तभी आगे बढ़ सकते हैं.' दिव्येंदु ने इस बात पर जोर दिया कि देश को आगे ले जाने के लिए लोगों का एक दूसरे का साथ देना बहुत जरूरी है.
दिव्येंदु को हाल ही में जनता ने बहुत मिस किया था, जब अमेजन प्राइम की बेहद पॉपुलर वेब सीरीज 'मिर्जापुर' का तीसरा सीजन रिलीज हुआ. 'मिर्जापुर 2' के अंत में दिव्येंदु के किरदार मुन्ना त्रिपाठी को मार दिया गया था. 'मिर्जापुर 3' जब जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा तो माना गया कि मुन्ना त्रिपाठी जैसे कलरफुल किरदार का कहानी में न होना, शो के ठंडे पड़ने की एक बड़ी वजह रही.
वर्कफ्रंट की बात करें तो दिव्येंदु पिछली बार फिल्म 'मडगांव एक्सप्रेस' में बड़े पर्दे पर नजर आए थे. फिल्म में उनके साथ अविनाश तिवारी और प्रतीक गांधी भी हैं. कम बजट में बनी ये फिल्म इस साल की सरप्राइज हिट्स में से एक है.