रेलवे पुलिस फोर्स ने रेलवे में नौकरी का फर्जी विज्ञापन निकालकर युवाओं को ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में आरपीएफ ने 2 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है.
बता दें कि इस गैंग ने रेलवे में आरक्षक के 19800 पदों पर भर्ती निकलने की फेक न्यूज इंटरनेट के माध्यम और अलग-अलग सोशल मीडिया साइटस पर फर्जी विज्ञापन जारी कर दिया. रेल प्रशासन को लगातार पढे़ लिखे बेरोजगार युवाओं को भ्रमित करके वसूली करने वाले गिरोह की शिकायत मिल रही थी. नौकरी के फर्जी विज्ञापन को लेकर रेलवे को खंडन तक जारी करना पड़ा था.
इसके साथ ही रेलवे ने इसकी व्यापक जांच शुरू की थी. इस मामले में रेल सुरक्षा बल, आईटी सेल जबलपुर को बड़ी कामयाबी हासिल हुई और फर्जी वेकेंसी निकाल कर युवाओं को लूटने वाले गिरोह के दो लोगों को पकड़ लिया.
जांच में ये भी सामने आया कि सोशल मीडिया में चले रहे विज्ञापन से प्राप्त लिंक में एक whatsapp ग्रुप Govt.Job center और टेलीग्राम ग्रुप Education ki duniya का संचालक/एडमिन आरपीएफ कॉन्सटेबल की कुल 19,800 भर्ती का फर्जी विज्ञापन प्रकाशित कर छात्रों में भ्रम फैलाकर उन्हें गुमराह किया जा रहा था.
आरोपियों द्वारा फर्जी विज्ञापन लिंक, व्हाट्सऐप ग्रुप और टेलीग्राम ग्रुप को इस तरह डिजाइन किया था कि जब भी कोई छात्र इनको खोल कर देखता था तो इनके हिट्स के बदले में उनको वेबसाइटों से आर्थिक लाभ मिलता था.
पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों का नाम कुन्दन कुमार और सोनु कुमार है, दोनों बिहार के गया के रहने वाले हैं. दोनों आरोपियों के कब्जे से बरामद मोबाइल और लैपटॉप को चेक करने पर RPF Constable New Bharti 2023 का फर्जी विज्ञापन पोस्ट किया हुआ पाया गया. पकड़े गए दोनों आरोपियों पर धारा 406, 419 ,420, 120 बी आईपीसी और 67 बी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.