हल्दी, मेहंदी, संगीत और सात फेरे...पूरे हिंदू रीति रिवाज से हुई क्षमा बिंदु की शादी को एक साल पूरा हो चुका है. गुजरात की रहने वाली क्षमा बिंदु की शादी की पिछले साल भरपूर चर्चा हुई थी क्योंकि उन्होंने किसी और से नहीं बल्कि खुद से शादी की थी. aajtak.in ने उनसे बातचीत कर जाना कि कैसा रहा उनका खुद के साथ जीवनसाथी के रूप में एक साल रहने का अनुभव.
क्षमा का असली नाम सौम्या दुबे है. उन्होंने अपनी शादी की पहली सालगिरह का भरपूर जश्न मनाया. क्षमा कहती हैं वे इस समाज की पितृसत्तात्मक सोच को तोड़ना चाहती थीं इसलिए उन्होंने खुद से शादी की. क्षमा को शादी से कोई दिक्कत नहीं है पर समाज में शादी को जैसे देखा जाता है उससे दिक्कत है. उन्होंने कहा कि मैं कभी सोच भी नहीं सकती कि मैं किसी की वाइफ बनूंगी. मुझे ऐसी जिंदगी नहीं चाहिए जहां मैं खुश नहीं हूं.
क्षमा कहती हैं कि उन्होंने तमाम महिलाओं को देखा है जो शादी के बाद खुद को भूल जाती हैं और उन्हें अपने लिए समय ही नहीं मिल पाता. इस सवाल पर कि शादी तो उनके माता-पिता ने भी की, क्षमा कहती हैं, ‘मैं शादी के खिलाफ नहीं हूं. मुझे अपने मम्मी-पापा को देखकर बहुत अच्छा लगता है. लेकिन शादी ऐसी न हो जैसे समाज में लोग इसे देखते हैं. शादी के बाद लोगों पर घर खरीदने का प्रेशर आ जाता है, कपल्स वर्ल्ड टूर के लिए प्लानिंग करने लगते हैं, रिश्तेदारों की ओर से बच्चे करने का भी प्रेशर आने लगता है. मेरे खुद से शादी करने से ये हुआ कि ना ही मेरे ऊपर घर खरीदने का प्रेशर है, ना ही लोग मुझे बच्चे के लिए टोकते हैं, मैं जैसे चाहूं अपनी जिंदगी जी सकती हूं’.
क्षमा भले ही खुद को अब शादीशुदा बताने लगी हों लेकिन सरकारी कागजों पर उनका मैरिटल स्टेटस सिंगल ही है. वो कहती हैं कि मुझे बहुत दुख होता है कि भारत में सोलोगैमी मैरिज जैसा कुछ नहीं है. इसलिए मुझे ना चाहते हुए भी सारे सरकारी कागजों पर सिंगल ही लिखना पड़ता है.
खुद के साथ ऐसे गुजरे एक साल
वैसे क्षमा की जिंदगी में खुद से शादी के बाद कोई खास बदलाव नहीं हुआ है. वो कहती हैं मैं कभी-कभी शौक के लिए सिंदूर, मंगलसूत्र जरूर पहनती हूं. कभी-कभी ये चीजें मुझे प्रोटेक्ट भी करती हैं. लेकिन आज भी कुछ लोग ऐसे हैं जो मुझसे हमेशा मेरे पति के बारे में पूछते रहते हैं.
तो क्या क्षमा अब कभी किसी से शादी नहीं करेंगी? इस बारे में वो कहती हैं कि मैंने कभी अपने फ्यूचर के बारे में नहीं सोचा. मुझे ये भी नहीं पता होता है कि मैं अगले 2 दिन में क्या करने वाली हूं तो आगे के 10 साल के बारे में तो बिलकुल भी नहीं सोचा. और अगर कभी मेरी लाइफ में ऐसा कोई आया जिसे मैं बहुत पसंद करूं तो जरूर में उसके साथ रहना चाहूंगी लेकिन शादी करने के पक्ष में नहीं रहूंगी. बच्चे की बात करें तो मुझे भी अपनी फैमिली बनानी है लेकिन मैं बच्चे तब अडॉप्ट करूंगी जब मैं बच्चे पालने के काबिल हो जाऊं.