जम्मू-कश्मीर में बुधवार रात 8.36 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 मापी गई. इसका केंद्र किश्तवाड़ रहा. भूकंप के झटकों से घबराकर लोग अपने अपने घरों से बाहर निकलकर खुले में जा पहुंचे. बता दें कि इससे पहले हरियाणा में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3 बताई गई थी.
हरियाणा में लगे थे भूकंप के झटके
इससे पहले हरियाणा में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. देर रात आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 मापी गई थी. इसका केंद्र पानीपत रहा था. बीते एक महीने में हरियाणा में यह दूसरा भूकंप था. वहीं जम्मू-कश्मीर में भी सोमवार को भूकंप के झटके लगे थे. खबरों के मुताबिक सोमवार को यहां 5.5 तीव्रता के झटके लगे थे.
भूकंप क्यों और कैसे आता है?
वैज्ञानिक रूप से समझने के लिए हमें पृथ्वी की संरचना को समझना होगा. पृथ्वी टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है. इसके नीचे तरल पदार्थ लावा है और इस पर टैक्टोनिक प्लेट्स तैरती रहती हैं. कई बार ये प्लेट्स आपस में टकरा जाती हैं. बार-बार टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं. ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है. जब इससे डिस्टर्बेंस बनता है तो इसके बाद भूकंप आता है.
कैसे मापी जाती है तीव्रता?
भूकंप को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. रिक्टर स्केल भूकंप की तरंगों की तीव्रता मापने का एक गणितीय पैमाना होता है, इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है. रिक्टर स्केल पर भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है. ये स्केल भूकंप के दौरान धरती के भीतर से निकली ऊर्जा के आधार पर तीव्रता को मापता है