चीन (China) के दक्षिणी और पूर्वी प्रांतों में भयंकर बाढ़ आई है, जिसके कारण हजारों लोगों को वहां से निकाला गया है. इसके अलावा, पर्ल रिवर बेसिन (Pearl River basin) में दशकों में सबसे ज्यादा बारिश हुई है. कहा जा रहा है कि इस बारिश के जुलाई और अगस्त में भी जारी रहने की संभावना है.
अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाला समय चीन के लिए अच्छा नहीं है. चीन के जल संसाधन मंत्रालय के बाढ़ और सूखा आपदा निवारण विभाग (Flood and Drought Disaster Prevention) के निदेशक याओ वेंगुआंग (Yao Wenguang) का अनुमान है कि जुलाई से अगस्त तक, चीन को जानलेवा मौसम का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही, क्षेत्रीय बाढ़ और सूखे की स्थिति और भी बुरी हो सकती है.
उनका कहना है कि मई के अंत से जून के मध्य तक, पर्ल रिवर बेसिन में लगातार सात बार भारी बारिश हुई. ग्वांगडोंग, फ़ुज़ियान और गुआंग्शी प्रांत रिकॉर्ड बारिश का सामना कर रहे हैं, जबकि शेडोंग, हेनान और हेबेई प्रांत ने भयानक गर्मी की मार झेली है.
इस बीच, सूखे की स्थिति परेशानियों को और बढ़ा रही है. वर्तमान में, उत्तरी चीन के कुछ हिस्सों में सूखे का पता लगा है. खासकर मंगोलिया के अंदरूनी इलाकों में, हेनान, शानक्सी, गांसु और अन्य प्रांतों में ये तेजी से बढ़ा है.
More extreme weather events expected to pummel China in July, August https://t.co/pSDEbs9KCC
— Reuters Science News (@ReutersScience) June 28, 2022
याओ वेंगुआंग का कहना है कि चार प्रांतों में सूखे की वजह से जल संसाधन मंत्रालय ने हाल ही में चौथे लेवल की आपातकालीन सेवा शुरू की है. यहां तीन वर्किंग ग्रुप को मंगोलिया के अंदरूनी इलाकों, शानक्सी और गांसु में सूखाग्रस्त इलाकों में मदद के लिए भेजा गया है. वैज्ञानिकों ने चीन में इस विकट मौसम के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार माना है.