
By: Munzir Ahmad WHOOP 4.0 Review: ODI World Cup2023 के दौरान एक फिटनेस बैंड काफी चर्चा में रहा. दरअसल विराट कोहली इस बैंड को पहन कर ग्राउंड लगातार दिखे. विराट के अलावा मोहम्मद सिराज और सूर्या कुमार यादव भी खास तरह के फिटनेस बैंड पहने हुए नजर आए. देश भर में हेडलाइन बनी की आखिर विराट जैसे प्लेयर्स ये किस तरह का बैंड पहन रहे हैं.
वर्ल्ड कप के दौरान जब Virar Kohli ने Sachin Tendulkar का रिकॉर्ड तोड़ा तो इसके बाद से ये बैंड भारत में और भी ज़्यादा हेडलाइन बटोरने लगा. क्योंकि उस मैच में भी Kohli ने WHOOP 4.0 पहना था. हमने सोचा क्यों ना इस फ़िटनेस बैंड ट्राई किया जाए. इसी लिए हमने बात की इस खास बैंड यानी WHOOP के Founder और CEO Will Ahmed से. WHOOP अमेरिकन कंपनी है जो वेयेरबेल फिटनेस डिवाइस बनाती है.
विराट ही नहीं, बल्कि दुनिया के टॉप एथलीट्स WHOOP नाम के इस फ़िटनेस बैंड के फ़ैन हैं. दर्जनों ओलंपिक मेडल हासिल करने वाले माइकल फ़ेल्प्स से लेकर लिब्रॉन जेम्स जैसे कई दिग्गज इस बैंड को पहनते हैं.
WHOOP Band क्यों है खास?
ऐसा क्या है WHOOP बैंड में जिसकी वजह से दुनिया के टॉप एथलीट्स इसे पसंद कर रहे हैं. मार्केट में Fitbit और Garmin से लेकर Apple तक के फ़िटनेस सेंट्रिक वेयरेबल हैं, लेकिन फिर भी WHOOP बैंड को लेकर इतना Buzz क्यों है?
हमने इस बारे में जानने के लिए WHOOP के फाउंडर और सीईओ Will Ahmed से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि इस WHOOP बनाने के लिए उन्होंने साइंटसिस्ट्स और डॉक्टर्स के साथ मिल कर काम किया है. दूसरे फिटनेस ट्रैकर जो काम नहीं कर पाते हैं वो सबकुछ WHOOP 4.0 करता है.
कुछ हफ्तों से मैं भी WHOOP 4.0 बैंड पहन रहा हूँ और आपको एक्सपीरिएंस बताता हूँ कि ये बैंड असल में करता क्या है. हालाँकि इस बैंड की पूरी काबलियत लगभग 30 महीने के बाद पता चलेगी. क्योंकि कंपनी के मुताबिक़ बॉडी से जुड़ा सटीक डेटा 30 दिन तक पहनने के बाद ही मिल पाता है इसे कैलिब्रेशन फ़ेस कहा जाता है.
WHOOP 4.0 Setup Process
WHOOP Band 4.0 को सेटअप करना काफ़ी आसान है. WHOOP ऐप डाउनलोड करके कनेक्ट करना है. कनेक्ट होते ही ये शुरुआती कुछ दिनों तक कैलिब्रेट होता है फिर असल डेटा दिखाना शुरू करता है. स्किन टेंप्रेचर फीचर 30 दिन के बाद ही एनेबल होता है.
सेटअप करने के बाद एक से दो दिन तक बेसिक फ़ीचर्स कैलिब्रेशन का काम होता है. पूरा होने के बाद ये फ़िटनेस बैंड आपको ट्रैक करना शुरू कर देगा.
कैलिब्रेशन के दौरान दरअसल ये बैंड आपकी बॉडी के हिसाब से बेसलाइन तैयार करता है और ये समझता है कि आपकी बॉडी हर दिन के टास्क कैसे हैंडल करती है और क्या रिक्वॉरमेंट हैं. बहरहाल जो फ़ीचर्स अब तक अनलॉक हो चुके हैं उनके बारे में बताता हूँ.
WHOOP 4.0 Hardware
WHOOP Band 4.0 में किसी तरह का कोई डिस्प्ले और बटन नहीं है. डिवाइस काफ़ी छोटा है. ये हाथ में काफ़ी कंफ़रटेबल फ़ील होता है और लाइट वेट है. एक दिन के बाद मुझे ऐसा नहीं लगा की कलाई में मैंने कुछ बांधा भी है. इसमें कई फिजिकल बटन भी नहीं है.
WHOOP 4.0 के नीचे कई सेंसर्स दिए गए हैं दो 24X7 काम करते हैं. कंपनी यूज़र्स को एन्करेज करती है कि इसे हर समय पहना जाए यहाँ तक कि नहाते हुए भी आप इसे पहने रह सकते हैं. इसके साथ दिया गया चार्जर भी वॉटर प्रूफ़ है और चार्जर को भी लगा कर नहा सकते हैं.
हार्डवेयर की तरह ही WHOOP ने सॉफ्टवेयर पर भी बेहतरीन काम किया है. चूंकि इस बैंड कोई डिस्प्ले नहीं है, इसलिए तामाम चीजें आप WHOOP ऐप पर ही देख सकेंगे. यूजर इंटरफेस काफी सिंपल है और समझना काफी आसान है.
किसी भी ग्राफ या रिजल्ट के पास उसे एक्स्प्लेन किया गया होता है और WHOOP Coach इस डिटेल को सिंप्लिफाई करके आपको और बेहतर रिजल्ट देता है.
आपके बॉडी का कौन कौन सा डेटा ट्रैक करता है WHOOP बैंड?
— HRV: हार्ट रेट वैरिएब्लिटी में ये बैंड ये मेजर करता है कि सोने के दौरान आपकी हार्ट रेट किस तरह से बदलती है.
— Sleep Performance: स्लीप परफॉर्मेंस में ये बताया जाता है कि आप कितना सोए और कितनी नींद की जरूरत है.
— Calories: हर दिन आप कितनी कैलरी बर्न करते हैं इसकी जानकारी मिलती है.
— Avarage HR: एवरेज हार्ट रेट में ये मेजर किया जाता है कि पूरे दिन आपका एवरेज हार्ट रेट क्या रहा है.
— Hours of sleep: यहां बताया जाता है कि हर दिन के मुकाबले आप कितना सो रहे हैं.
— Respiratory Rate: रेस्पिरेटरी रेट में ये मेजर किया जाता है कि सोने के दौरान आप हर मिनट में कितनी बार सांस लेते हैं.
— Restorative Sleep: इसमें आपको ये बताया जाता है कि कितने घंटे आप डीप स्लीप में रहे और हर दिन कितने घंटे REM स्पीप में रहे. बेसिकली ये स्लीप के स्टेज को अनालाइज करता है.
— RHR: रेस्टिंग हार्ट रेट में ये मेजर किया जाता है कि रेस्टिंग के दौरान आपका दिल हर मिनट में कितनी बार धड़कता है.
— Sleep Dept: स्लीप डेट आपको ये बताता है कि रेग्यूलर बेसिस पर आपको कितनी नींद चाहिए. किसी दिन कम सोए हैं तो ये कुछ दिन तक आपको सजेस्ट करता है कि उसे कंप्लीट करें.
इन सब के अलावा स्लीप नीडेड, टाइम इन बेड, स्ट्रेस मॉनिटर और स्ट्रेन एंड रिकवरी का फ़ीचर है. Strain फीचर दरअसल यूजर्स की तमाम ऐक्टिविटीज को रीड करता रहता है एक स्कोर तैयार करता है. Strain स्कोर जितना ज्यादा है मतलब दिन भर में उतनी ज्यादा ऐक्टिविटी की है. ऐक्टिविटीज में नॉर्मल दिन भर के काम से लेकर वर्कआउट तक शामिल होते हैं. जितना कम स्ट्रेन स्कोर उतना कम ऐक्टिविटी.
Strain & Recovery Feature
स्ट्रेन के बाद एक इंपॉर्टेंट फीचर Recovery का है. सो कर उठते ही सुबह ये बैंड आफो रिकवरी स्कोर बताता है. अगर ग्रीन में है तो समझें की आपकी बॉडी काफी कुछ करने को तैयार है. इसमें 0-100% का स्केल होता है. यलो जोन, रेड जोन और ग्रीन जोन देखने को मिलेंगे. नींद कितनी घंटे हुई, सोने के दौरान हार्ट रेट वैरिएशन क्या रहा और रेस्पिरेटरी रेट कैसा रहा ये सब मिला कर ये आपको रिकवरी का स्कोर बताता है.
Recovery Score यूजर्स को ये जानने में मदद करता है कि उनकी बॉडी आज के टास्क्स के लिए कितना तैयार है. WHOOP 4.0 रिकवरी स्कोर के आधार पर वर्कआउट भी सजेस्ट करता है.
एथलीट्स के लिए Strain औऱ Recovery फीचर काफी इंपॉर्टेंट होता है और नॉर्मली दूसरे फिटनेस ट्रैकर और स्मार्ट वॉच में Strain और Recovery फीचर्स नहीं मिलते हैं. शायद ये भी एक वजह है कि WHOOP बैंड को दुनिया के भर के टॉप एथलीट्स ज्यादा पसंद करते हैं.
हफ़्ते भर के यूज में WHOOP ने जो डेटा दिखाया है वो साइंटिफली कितना सही है ये तो मैं नहीं बता सकता. लेकिन कंपनी क्लेम करती है कि WHOOP द्वारा ट्रैक किया गया डेटा साइंटिफिक होता है और दूसरे ट्रैकर के मुक़ाबले सटीक भी होता है.
Performance Assesment
किसी भी एथलीट्स के लिए परफॉर्मेंस असेसमेंट काफी इंपॉर्टेंट होता है. WHOOP 4.0 में वीकली और मंथली असेस्टमेंट का ऑप्शन भी मिलता है. परफॉर्मेंस असेस्टमेंट में यूजर को एक PDF रिपोर्ट दी जाती है जिसमें हफ्ते या महीने का पूरा लेखा जोखा होता है. इसमें हर दिन और वीक के हिसाब से बताया जाता है कि कब आपकी बॉडी ने कैसा परफॉर्मेंस किया, सोने से लेकर सांस लेने तक का पूरा विस्तार यहां होता है.
एथलीट्स के लिए ये रिपोर्ट काफी अहम हो जाती है, क्योंकि इसके आधार पर आगे किस तरह से परफॉर्म करना है या क्या वर्कआउट करना है वो ये तय कर पाते हैं.
WHOOP Coach: GPT 4 Bases Personalised Health Coach
हाल ही में WHOOP ने OpenAI के साथ पार्टनरशिप की है. इस ऐप में WHOOP Coach है जो GPT 4 मॉडल पर काम करता है. ये बेहद पर्सनलाइज्ड है और आपके हेल्थ और फ़िटनेस से जुड़ा डेटा देता है.
उदाहरण के तौर पर आप इससे पूछ सकते हैं कि आपके हार्ट और लंग्स कितने हेल्दी हैं. ये आपको आपकी बॉडी से ट्रैक किए गए डेटा के आधार पर रिज़ल्ट दिखाता है. नीचे स्क्रीनशॉट में इसका जवाब देख सकते हैं.
दरअसल हार्ट को लेकर ये बैंड कई तरह का डेटा ट्रैक करता है. इसी तरह साँस लेने को भी ये ट्रैक करता है और इस आधार पर लंग्स कितने हेल्दी हैं इसका एक रफ आईडिया देता है. एक बाद ध्यान में रखें कि ये कोई मेडिकल डिवाइस नहीं है और ये डॉक्टर ये हेल्थ डिवाइस का रिप्लेसमेंट भी नहीं है.
WHOOP Coach से आप ये भी पूछ सकते हैं कि आज आपकी बॉडी क्या क्या करने के लायक है. रिकवरी कितनी हुई है, हार्ट रेट कैसा है, सोने के दौरान कोई समस्या तो नहीं हुई या कुछ भी.
Whoop Coach वाकई दिलचस्प है और अगर आप फिटनेस को लेकर कंसर्नड रहते हैं तो आपको पसंद आएगा. कंपनी दावा करती है कि WHOOP बैंड जो आपके बॉडी का डेटा ट्रैक करता है वो काफी हद तक मेडिकल डिवाइस के रिजल्ट्स को मैच करता है और इसके लिए कंपनी डॉक्टर्स और साइंटिस्ट्स के साथ मिल कर काम करती है ताकि ट्रैकिंग सटीक हो सके.
WHOOP ऐप में आपको कई तरह की जानकारियाँ मिलेंगी. लेकिन अगर आप ऐप के अलग अलग सेक्शन में जा कर जानकारी नहीं लेना चाहते तो आप डायरेक्ट Whoop Coach से पूछ सकते हैं. WHOOP Coach बेसिकली ChatGPT की तरह ही, लेकिन ये आपका अपना असिस्टेंट है, क्योंकि ये आपकी बॉडी से ट्रैक किए गए डेटा के हिसाब से जवाब देता है.
WHOOP 4.0 Bottom Line
मैंने अब तक Apple Watch, Fitbit और Garmin जैसे पॉपुलर हेल्थ फिटनेस ट्रैकर यूज किए हैं. लेकिन जितना कॉन्प्रिहेंसिव डेटा WHOOP 4.0 देता है वैसा कोई दूसरा वेयरेबल नहीं देते हैं. कंपनी ने सॉफ्टवेयर पर काफी बेहतर काम किया है. WHOOP Coach की वजह से ये बैंड और भी बेहतर हो गया जो GPT 4 पर काम करता है और आने वाले समय में GPT 4 की वजह से ये और बेहतर फिटनेस कोच बन सकता है.
इसकी कुछ कमियाँ भी हैं — जैसे बेसिक ट्रैकिंग नहीं होती. स्टेप काउंट नहीं होता. डिस्प्ले का ना होना भी कई लोगों के लिए कमी जैसा ही है. चार्जिंग PUC खोने का डर रहता है. कंपनी को डायरेक्ट बैंड चार्जिंग का भी ऑप्शन देना चाहिए था. उन लोगों के लिए भी ये बैंड नहीं है जो अपने हेल्थ और फिटनेस को लेकर पैरानॉयड हो जाते हैं और किसी गैजेट को अपनी लाइफ डिक्टेट करने के लिए यूज करते हैं.
ये कोई मेडिकल डिवाइस नहीं है और ना ही ये किसी डॉक्टर या मेडिकल डिवाइस का रिप्लेसमेंट है. मुझे लगता है कि इसे फिटनेस के लिए ही यूज किया जाना बेहतर है. आप इस डिवाइस को पहन कर ये नहीं सोच सकते कि ये आपके तमाम हेल्थ नीड को पूरा कर देगा और बॉडी में क्या हो रहा वो सबकुछ बता देगा. हां, इतना जरूर है कि आपको एक रफ आईडिया जरूर मिलता रहता है कि आप हेल्थ और फिटनेस के लिए अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं.
चूँकि ये सब्सक्रिप्शन बेस्ड है और भारत में नहीं आया है तो इसकी क़ीमत बताना मुश्किल है. अमेरिका में इसे यूज करने के लिए $30 देने होते हैं. अगले साल WHOOP 4.0 भारत में भी लॉन्च होगा तो देखना दिलचस्प होगा कि यहाँ कंपनी प्राइसिंग क्या रखती है और लोग इसे कितना तवज्जो देते हैं.