अमेरिकी शेयर मार्केट Nasdaq में 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. 18 दिसंबर के बाद ये अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है. इसकी वजह चीन है. दरअसल, चीन के AI स्टार्टअप DeepSeek ने एक लो कॉस्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल R1 लॉन्च किया है, जिसकी वजह से अमेरिकी चिपमेकर और दूसरी कंपनियों के शेयर में भारी गिरावट आई है.
AI चिपसेट मेकर Nvidia को इसका बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. कंपनी के 593 अरब डॉलर शेयर मार्केट से एक दिन में खत्म हो गए हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो ये वॉल स्ट्रीट की किसी भी कंपनी को एक दिन में हुआ अब तक का सबसे बड़ा नुकसान है.
सितंबर में Nvidia को एक दिन में हुए नुकसान से मुकाबले ये राशि दो गुनी है. DeepSeek की एंट्री के बाद फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर स्टॉक इंडेक्स 9.2 फीसदी टूटा है. ये मार्च 2020 के बाद अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है. चीनी स्टार्टअप DeepSeek ने एक लो कॉस्ट AI असिस्टेंट DeepSeek R1 को रोलआउट किया है, जिसका सीधा मुकालबा ChatGPT और Gemini जैसे AI बॉट्स से है.
यह भी पढ़ें: DeepSeek: इस छोटे चीनी स्टार्टअप से क्यों परेशान हो गया अमेरिका? साफ हो गए हजारों करोड़
इसका सीधा प्रभाव उन कंपनियों पर पड़ रहा है जो अमेरिकी AI से जुड़े हुए हैं. इस क्रम में Nvidia एक प्रमुख नाम है. हालांकि, DeepSeek को मार्केट में आए बहुत ज्यादा दिन नहीं हुए हैं. कंपनी ने अपने R1 मॉडल को महज एक हफ्ते पहले लॉन्च किया है, जो तेजी से पॉपुलर हो रहा है.
इसकी पॉपुलैरिटी कम कीमत है. स्मार्टफोन मार्केट की तरह ही AI बाजार में भी चीनी कंपनी ने एक सस्ता विकल्प मुहैया कराया है. आसान भाषा में कहें तो जिस सर्विस के लिए ChatGPT और Gemini पर कई डॉलर खर्च करने होते हैं, वो सर्विस इस AI बॉट पर आपको फ्री या बेहद कम कीमत पर मिल जाती है. DeepSeek R1 का असर ऐसा है कि अमेरिकी बाजार में हर उस कंपनी के शेयर गिर रहे हैं, जो AI से किसी ना किसी रूप में जुड़े हुए हैं.
यह भी पढ़ें: ChatGPT और Google Gemini को चीनी DeepSeek AI ने छोड़ा पीछे, सिलिकॉन वैली में हलचल तेज
बता दें कि अमेरिका में AI इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने Stargate प्रोजेक्ट का ऐलान किया है, जिसमें 500 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में Microsoft, OpenAI, Oracle, SoftBank और दूसरी कंपनियां शामिल हैं.
हालांकि, इस प्रोजेक्ट पर एलॉन मस्क पहले ही सवाल उठा चुके हैं. वहीं तेजी से पॉपुलर हो रहा चीनी AI मॉडल अमेरिकी कंपनियों के लिए अलग चुनौती बन गया है. फिलहाल DeepSeek ने विदेशी यूजर्स के लिए अपनी सर्विस को ब्लॉक कर दिया है. कंपनी पर हुए साइबर अटैक के बाद ये फैसला लिया गया है. कंपनी ने रजिस्ट्रेशन के लिए चीनी नंबर जरूरी होगा. कंपनी ने ये साफ नहीं किया है कि ये रोक परमानेंट है या फिर कुछ वक्त के लिए लगाई गई है.