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ना सिम और ना इंटरनेट, फिर भी स्मार्टफोन में चलता रहेगा वीडियो, 19 शहरों में जल्द होगा ट्रायल

Direct To Mobile Technology : स्मार्टफोन यूजर्स जल्द ही बिना सिम और इंटरनेट कनेक्शन के अपने मोबाइल पर वीडियो देख सकेंगे. इसके लिए भारत सरकार डायरेक्ट टू मोबाइल (Direct-to-Mobile) ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है. जल्द ही 19 शहरों में इसका ट्रायल शुरू किया जाएगा. इस तकनीक का मकसद 5G नेटवर्क पर लोड कम करना और उन लोगों के घर तक पहुंचना है, जहां अभी तक टीवी नहीं पहुंची है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

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Mobile-to-Direct टेक्नोलॉजी का जल्द होगा ट्रायल.
Mobile-to-Direct टेक्नोलॉजी का जल्द होगा ट्रायल.

स्मार्टफोन में सिम या वाईफाई का इस्तेमाल कर आसानी से कॉल, मैसेज और वीडियो आदि देखे जा सकते हैं. सोचिए अगर फोन में सिम और इंटरनेट ना हो, तब क्या करेंगे? दरअसल, जल्द ही स्मार्टफोन में सिम और बिना इंटरनेट के भी वीडियो स्ट्रीम कर सकेंगे. इस तकनीक का नाम डायरेक्ट टू मोबाइल ब्रॉडकास्टिंग है. 

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दरअसल, ब्रॉडकास्टिंग समिट के दौरान इंफोर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग सेक्रेटरी अपूर्व चंद्रा ने बताया कि देश में Direct-to-Mobile (D2M) टेक्नोलॉजी का जल्द ही ट्रायल होगा, जिसकी शुरुआत 19 शहरों से होगी. इस टेक्नोलॉजी के लिए 470-582 MHz spectrum का इस्तेमाल किया जाएगा. 

चंद्रा ने बताया कि 25-30 प्रतिशत वीडियो ट्रैफिक D2M पर शिफ्ट हो जाएगा. यह देश की डिजिटल क्रांति को और आगे ले जाएगा. इससे करोड़ों लोगों को फायदा होगा.  

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कुछ जगहों पर हो चुकी है टेस्टिंग 

बीते साल पायलेट प्रोजेक्ट के तहत  D2M टेक्नोलॉजी का कुछ जगह ट्रायल हो चुका है. इसमें बेंगलुरु, कर्तव्य पथ और नोएडा के नाम शामिल हैं. जल्द ही इस लिस्ट में और भी नाम शामिल होंगे. 

जहां नहीं पहुंची टीवी , वहां पहुंचेगी ये तकनीक 

चंद्रा ने बताया है कि  D2M टेक्नोलॉजी उन घरों तक भी पहुंचेगी, जहां अभी तक टीवी भी नहीं पहुंची है. यह संख्या करीब 8-9 करोड़ की है. भारत में करीब 280 मिलियन घर हैं, जिनमें से सिर्फ 190 मिलियन लोगों के घरों में ही टीवी है. 

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आधे से ज्यादा कंटेंट वीडियो में एक्सेस हो रहा  

चंद्रा ने आगे बताया है कि देश में 80 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स ऐसे हैं है, जो 69 प्रतिशत कंटेंट को सिर्फ वीडियो फॉर्मेट में एक्सेस करते हैं. चंद्रा ने बताया कि ज्यादा वीडियो लोड होने की वजह से नेटवर्क स्लो हो जाता है, जिसके बाद वीडियो बफरिंग की समस्या आती है. हालांकि ये फ्री होगी या फिर इसके लिए कोई चार्ज लिया जाएगा, उसके बारे में अभी डिटेल्स आना बाकी है. 

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