उत्तर प्रदेश के नोएडा में सिक्योरिटी गार्ड की हत्या मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि उसका दूसरा साथी भागने में सफल रहा. घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
सुरक्षा गार्ड की पहचान मूल रूप से हरदोई जिले के निवासी धीरज (28) के रूप में हुई है. पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जोन द्वितीय सुनीति ने बताया कि धीरज यहां रोजा याकूबपुर में रहता था और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में काम करता था. 14 दिसंबर को उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.
एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, धीरज को बृहस्पतिवार को उसके बड़े भाई ने बिसरख के एक सुनसान इलाके में घायल अवस्था में पड़ा देखा. धीरज एक सुरक्षा गार्ड के रूप में भी काम करता था. उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन बाद में इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस के मुताबिक, लाठियों से पीट कर सिक्योरिटी गार्ड की हत्या की गई है.
डीसीपी ने बताया कि इस संबंध में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान रात को पुलिस को एक मोटरसाइकिल से दो संदिग्ध आते दिखाई दिए. शक होने पर पुलिस ने उन्हें रूकने का इशारा किया, लेकिन बदमाश रुकने के बजाय पुलिस पर गोली चलाकर भागने लगे. डीसीपी ने बताया की जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई. पुलिस की गोली लगने से रोजा याकूबपुर गांव निवासी योगेंद्र उर्फ मेजर घायल हो गया. जबकि, उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गया.
उन्होंने बताया कि घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. डीसीपी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि योगेंद्र के ऊपर पूर्व में लूटपाट, गैंगस्टर, डकैती सहित विभिन्न धाराओं में नौ मामले दर्ज हैं. आरोपी के दूसरे साथी की तलाश की जा रही है. जांच में पता चला कि धीरज ने आरोपी के परिवार की एक महिला के लिए कुछ अपशब्द कह दिए थे. इस बात का बदला लेने के लिए आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी.