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जापान एक के बाद एक दो भूकंप के झटकों से दहला, लगातार तीसरे दिन हिली धरती

जापान में भूकंप का पहला झटका गुरुवार को कुरिल द्वीप पर दोपहर 2.45 मिनट पर जबकि भूकंप का दूसरा झटका दोपहर लगभग 3.07 बजे दर्ज किया गया.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

जापान में गुरुवार को एक के बाद एक दो भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर पहले भूकंप की तीव्रता 6.5 जबकि दूसरे भूकंप की तीव्रता 5.0 दर्ज की गई. 

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यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप का पहला झटका गुरुवार को कुरिल द्वीप पर दोपहर 2.45 मिनट पर जबकि भूकंप का दूसरा झटका दोपहर लगभग 3.07 बजे दर्ज किया गया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जापान में बीते तीन दिनों से लगातार भूकंप आ रहे हैं. इससे पहले 26 दिसंबर और 27 दिसंबर को भी जापान में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. 26 दिसंबर को जापान के इजू आइलैंड और 27 दिसंबर को होक्काइडो में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.

क्यों आता है भूकंप? 

धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं. एकदूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं.

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रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है. भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपीसेंटर से नापा जाता है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है. 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है. 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर. ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं. अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है.

कितनी तीव्रता कितनी खतरनाक?

कोई भूकंप कितना खतरनाक है? इसे रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा खतरनाक होता है. 

- 0 से 1.9 की तीव्रता वाले भूकंप का पता सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही चलता है.

- 2 से 2.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है.

- 3 से 3.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे मानो बगल से कोई ट्रक गुजर गया हो.

- 4 से 4.9 की तीव्रता के भूकंप में खिड़कियां टूट सकतीं हैं. दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं.

- 5 से 5.9 की तीव्रता वाले भूकंप में घर का फर्नीचर हिल सकता है.

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- 6 से 6.9 की तीव्रता वाला भूकंप इमारतों की नींव को दरका सकता है, ऊपरी मंजिलों को नुकसान पहुंच सकता है.

- 7 से 7.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतें ढह जातीं हैं. जमीन के अंदर पाइप लाइन फट जातीं हैं.

- 8 से 8.9 की तीव्रता के भूकंप में इमारतों के साथ-साथ बड़े-बड़े पुल भी गिर सकते हैं.

- 9 या उससे ज्यादा की तीव्रता का भूकंप आने पर जमकर तबाही मचती है. कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती हिलती हुई दिखाई देगी. समंदर नजदीक हो तो सुनामी आ सकती है.

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