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भारत के इस कदम से पाकिस्तान परेशान, चीन, तुर्की और सऊदी से मांगी मदद

भारत अगले साल G-20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा. भारत ने जम्मू कश्मीर में G-20 शिखर सम्मेलन के कुछ कार्यक्रमों की मेजबानी करने का फैसला किया है, जिससे पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है. वह चीन, तुर्की और सऊदी अरब से जम्मू कश्मीर में होने वाली इस बैठक का बॉयकॉट करने के लिए संपर्क करेगा.

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Photo: AFP)
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Photo: AFP)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जम्मू कश्मीर में अगले साल G-20 बैठक होने से परेशान पाकिस्तान
  • G-20 के बॉयकॉट पर चीन, तुर्की, सऊदी अरब से करेगा बात

पाकिस्तान ने अगले साल जम्मू कश्मीर में होने जा रही G-20 बैठक का विरोध किया है. इस बैठक के बॉयकॉट के लिए वह जी-20 के अपने करीबी देशों चीन, तुर्की और सऊदी अरब से संपर्क साधने की भी तैयारी कर रहा है.

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द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत जम्मू कश्मीर में G-20 सम्मेलन के कुछ कार्यक्रमों की मेजबानी करने की योजना बना रहा है.

भारत इस साल दिसंबर में G-20 देशों की अध्यक्षता का पद्भार संभाल लेगा. 

जियोपॉलिटिक्स, डिफेंस और राष्ट्रीय सुरक्षा थिंक टैंक डब्ल्यूएलवीएन एनालिसिस ने ट्वीट कर कहा, जम्मू कश्मीर में G-20 बैठक का बहिष्कार करने के लिए पाकिस्तान, चीन, तुर्की और सऊदी अरब से संपर्क करेगा.

 

बता दें कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को G-20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत का शेरपा नियुक्त किया गया है.

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत एक दिसंबर 2022 से G-20 समूह की अध्यक्षता संभालेगा और 2023 में पहले G-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन का संचालन करेगा.

G-20 देशों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, जर्मनी, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, अमेरिका और ब्रिटेन हैं.

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पाकिस्तान पहले ही इस प्रस्तावित बैठक को खारिज कर चुका है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान इस मामले पर अन्य G-20 देशों से भी बात करेगा.

सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान विशेष रूप से इस मामले पर चीन, तुर्की और सऊदी अरब से संपर्क करेगा. पाकिस्तान, भारत की योजनाओं को लेकर अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य G-20 देशों से भी बात करेगा.

बता दें कि हाल ही में मार्च में भारत ने जम्मू कश्मीर में खाड़ी देशों के एक निवेश सम्मेलन की मेजबानी की थी. यूएई और हॉलैंड सहित अलग-अलग देशों के उद्यमी और सीईओ इस सम्मेलन में जुटे थे. 36 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था.

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने इस खाड़ी निवेश सम्मेलन में 27,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. 

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