भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया रोड़ा के गायकवाड़ परिवार की राजकुमारी हैं. उनके बारे में कम ही लोग जानते हैं. आइए हम आपको बताते हैं दोनों की मुलाकात सबसे पहले कब हुई थी और प्रियदर्शिनी को देख ज्योतिरादित्य सिंधिया ने क्या सोचा था.
प्रियदर्शिनी राजे के पिता कुमार संग्रामसिंह गायकवाड़ बरोड़ा के आखिरी शासक प्रताप सिंह गायकवाड़ के बेटे हैं. उनकी मां भी नेपाल के राजघराने से ताल्लुक रखती हैं. ऐसे में वह रोड़ा के गायकवाड़ परिवार की राजकुमारी है.
प्रियदर्शनी राजे ने कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से पढ़ाई की है. इस स्कूल को मुंबई में फोर्ट कॉन्वेंट के रूप में भी जाना जाता है. स्कूल की पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने मुंबई में सोफिया कॉलेज फॉर वूमेन में ए़डमिशन लिया था.
शादी
प्रियदर्शनी राजे ने दिसंबर 1994 में ज्योतिरादित्य सिंधिया से शादी की थी. यह एक अरेंज मैरिज थी.
ज्योतिरादित्य ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह पहली बार प्रियदर्शनी राजे से दिसंबर 1991 में दिल्ली में एक कार्यक्रम में मिले थे. उस समय ज्योतिरादित्य संयुक्त राज्य अमेरिका में थे, जबकि प्रियदर्शनी राजे मुंबई में थीं.
ज्योतिरादित्य ने कहा, "मैं पहले दिन से ही जानता था कि प्रियदर्शनी मेरे लिए ही बनी है, वही एक है जिससे मैं शादी करना चाहूंगा".
आपको बता दें, दोनों के दो बच्चे हैं. एक बेटा महानआर्यमन सिंधिया और एक बेटी अनन्या सिंधिया. उनकी बेटी अनन्या को हॉर्स राइडिंग का बहुत शौक है. खबरों की मानें तो 8 साल की उम्र में ही उन्होंने हॉर्स राइडिंग शुरू कर दी थी.
2008 में, प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया को Verve की "बेस्ट ड्रेस्ड - 2008" की लिस्ट में शामिल किया गया था. साल 2012 में, उन्होंने फेमिना की भारत की 50 सबसे खूबसूरत महिलाओं की लिस्ट में जगह बनाई थी.
ज्योतिरादित्य और प्रियदर्शनी के ग्वालियर के महल का नाम 'जयविलास' है. प्रियदर्शनी ने एक इंटरव्यू में कहा था, किसी भी महल में रहना एक फुलटाइम जॉब के बराबर है.
लोकसभा चुनाव 2019
ज्योतिरादित्य की पत्नी प्रियदर्शनी ने भी 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार किया था. 2019 के लोकसभा चुनावों की अगुवाई में, वह मतदाताओं के एक क्रॉस-सेक्शन में पहुंचीं, उनकी व्यथा सुनी और उन्हें उनके पति द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताया था. वह गुना सीट के उम्मीदवार थे, हालांकि बीजेपी उम्मीदवार कृष्ण पाल सिंह यादव से वह हार गए थे. बता दें, 2002 में पहली जीत के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया कभी चुनाव नहीं हारे थे, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें करारा झटका लगा.
(सभी तस्वीरें फेसबुक से ली गई है)