
हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला ने अपने बड़े भाई अजय सिंह चौटाला और उनके दोनों बेटों पर करारा हमला बोला है. गहराते पारिवारिक कलह के बीच बुधवार को अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि अजय चौटाला और उनके दोनों बेटे इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) को कमजोर करने के लिए भाजपा और कांग्रेस के हाथों खेल रहे हैं.
चंड़ीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान अभय चौटाला (55) ने कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर अजय चौटाला को इनेलो की प्राथमिक सदस्यता से निकाले जाने की घोषणा भी की. अजय चौटाला के बेटों- हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को पहले ही पार्टी से निकाल दिया गया था.
यह पहली बार है, जब अभय चौटाला ने अपने बड़े भाई पर हमला किया है. उन्होंने कहा, ‘मैं पूछना चाहता हूं कि क्या हाल के सप्ताह में अजय चौटाला या उनके परिवार के किसी भी सदस्य को विपक्षी दल कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ एक भी शब्द बोलते हुए सुना गया है? उनका लक्ष्य भाजपा या कांग्रेस को सत्ता से हटाना नहीं है, बल्कि वे उनके हाथों खेल रहे हैं, जो इनेलो को कमजोर करना और उसे तोड़ना चाहती हैं.'
इस संवाददाता सम्मेलन में अभय चौटाला के साथ पार्टी के नौ विधायक, दो सांसद, प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा और अन्य नेता भी मौजूद रहे. हरियाणा के शिक्षक भर्ती घोटाले में अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला के साथ 10 साल की कैद की सजा काट रहे अजय चौटाला (57) दो हफ्ते के पेरौल पर बाहर हैं.
अपने बड़े भाई और भतीजों पर प्रहार करते हुए अभय चौटाला ने कहा, ‘मुझे मेरे भाई और उनके परिवार द्वारा खुलेआम दुर्योधन और जयचंद कहा गया है. इससे मुझे बहुत पीड़ा हुई.’ अभय चौटाला ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री बनने की कभी आकांक्षा नहीं पाली और खुद को पिछली बेंचों तक सीमित रखा, लेकिन जब ओम प्रकाश चौटाला और अजय सिंह चौटाला को सजा हुई, तो उन्हें आगे आना पड़ा.
सोमवार को पार्टी से निष्कासित किए गए थे अजय चौटाला
जेल में बंद इनेलो के प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में अपने बड़े पुत्र अजय सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है, जिसके बाद चौटाला परिवार में आपसी विवाद और गहरा गया है. यह निर्णय सोमवार को किया गया और अजय सिंह चौटाला के छोटे भाई अभय सिंह चौटाला की ओर से बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की गई.
अजय सिंह प्रदेश में शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और अपने पिता ओपी चौटाला के साथ 10 साल की जेल की सजा काट रहे हैं. फिलहाल वह पैरोल पर दो हफ्तों के लिए जेल से बाहर हैं. उन्हें पार्टी की राज्य इकाई के महासचिव पद से भी हटा दिया गया है.