
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी हाइवे के किनारे बने कई मयखानों के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं. कुछ जगहों पर उन तक पहुंचने की राह जरूर कठिन हो गई है. शराब की दुकानों के मालिक सर्वोच्च अदालत की नाफरमानी के ऐसे तरीके खोज रहे हैं जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे. इसकी दिलचस्प मिसाल केरल में देखने को मिली है.
कठिन हुई डगर मयखाने की..
एर्नाकुलम जिले के परावुर इलाके में एक बार हाइवे से 500 मीटर के दायरे में थी. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसका बंद होना तय था. लेकिन मालिक ने बार तक पहुंचने के रास्ते को ही लंबा कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का तोड़ निकालने के लिए बार की एंट्रेंस पिछले दरवाजे से कर दी गई और यहां तक पहुंचने के रास्ते को एक भूल-भुलैया की शक्ल दे दी गई.
कई दुकानों के बदले ठिकाने
सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद कई शराब की दुकानों के मालिक जगह शिफ्ट करने मे जुटे हैं. कई होटलों में बार इमारत के भीतर है और बिल्डिंग के नक्शे में थोड़े-बहुत बदलाव से ही हाइवे से बार की दूरी को बढ़ाया जा रहा है.
क्या कहता है आदेश?
सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल को नेशनल और स्टेट हाइवे के 500 मीटर के दायरे में शराब की बिक्री पर पाबंदी लगाई थी. ये रोक होटल और रेस्तरां में बिकने वाली शराब पर भी लागू है. सड़कों पर बढ़ते हादसों के पीछे शराब की दुकानों को जिम्मेदार माना जाता रहा है.